*नरसिंह जयंती पे दोहा अंताक्षरी कार्यक्रम सम्पन्न

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प्राप्त जानकारी के अनुसार पं रामजस त्रिपाठी, नारायण*अधीक्षक*दोहाशाला साहित्य संगम संस्थान ने बताये कि
दोहाशाला साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा दिनांक 17/05/2019 नरसिंह भगवान के अवतार दिवस के उपलक्ष्य में  पटल पर सायं ८-९ बजे तक दोहा अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की गई।जिसमे एक शब्द विषय पर 6 मिनट का समय रखा गया
साप्ताहिक होने वाली इस  दोहा प्रतियोगिता के समीक्षक आदरणीय *बृजेश पाण्डेय ‘विभात’ जी*और कार्यक्रम का संयोजन व संचालन दोहाशाला के *अधीक्षक  पं. रामजस त्रिपाठी ‘नारायण’*के द्वारा हो रहा है।प्रतिभाग के लिए इच्छुक कलमकार आगामी कार्यक्रमों में सम्मिलित के लिये
अधोलिखित लिंक के जरिए जुड़ सकते है
https://chat.whatsapp.com/Hl5f703nKFn5pwDMcDVPEO
कार्यक्रम समीक्षक बृजेश पाण्डेय ‘विभात’ द्वारा बताया गया कि समीक्षा के उपरान्त चयनित परिणाम में प्रथम आद० राजवीर सिंह ‘मंत्र’ जी.द्वितीय आद० रामजस त्रिपाठी ‘नारायण’ जी,डॉ अरुण श्रीवास्तव ‘अर्णव’ जी,आशीष पाण्डेय ‘जिद्दी’ जी व
तृतीय पुरुषोत्तम प्रजापति जी रहे दोहाशाला
मंच पर आदरणीय श्री रामजस त्रिपाठी ‘नारायण’ जी के संचालन संयोजन एवं अध्यक्षता में दिनांक १७/मई/२०१९ को आयोजित दोहा प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने अति उत्साह के साथ अपना प्रदर्शन किया और अपना श्रेष्ठ देने का प्रयास किया।सभी प्रतिभागियों के दोहों की
प्रतियोगिता में विजेताओं के साथ सभी प्रतिभागियों को हृदय की गहराइयों से कोटि-कोटि बधाई एवं शुभकामनाएँ। संचालक, संयोजक एवं अधीक्षक को सफलता पूर्वक आयोजन सम्पन्न कराने हेतु हार्दिक बधाई ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।