सीमा अपने परिवेश में माता-पिता के कुंठित विचारों से बहुत दुखी थी। वे उसकी शिक्षा बीच में ही रोक कर शादी कर देना चाह्ते थे क्योंकि उनके समाज में लड़कियों को पढ़ाना अच्छा नहीं माना जाता था।परन्तु वह क्या करे ? उसे तो अपनी शिक्षा पूरी करनी थी। कई तरह […]
मैं अपने मर्म की बात अपने होंठों से कैसे कहूं ? हालांकि !, मौन मेरी भावनाओं की मुखरित भाषा है। फिर! मेरे शब्दों का शोर और तमाशा क्यूँ न बने, जब……………। कभी न थकने और थमने वाली,मेरी हिन्दी भाषा है॥ नवयुग की आवाज़ है हिन्दी,संवाद मेरे हैं बेहतर, हिन्दी मेरी […]
1]बस्ता सब बच्चों पर भारी है। पढ़ना-लिखना जब लाचारी है। शिक्षा इक ऊँचा मंसूबा है, इसका लेकिन खर्चा भारी है। पूरब पर पश्चिम का रुतबा पर , ये पीढ़ी उसकी आभारी है । पढ़े लिखों में बिसरी बेगारी, अनपढ़ अनगढ़ सत्ताधारी है। लायक सारे नाप रहे रस्ते, […]
कहीं हो किसी को पुकारा तो जाए, सितारा कहीं से निहारा तो जाए। सलीके बहुत हैं जहाँ में ख़ुशी के, इन्हें जिंदगी में उतारा तो जाए। सभी तुझको देखें,हो तारीफ़ तेरी, कभी रुप ऐसा निखारा तो जाए। भले आज उसको आना नहीं है, ये रस्ता ख़ुशी में बुहारा तो जाए। […]
अश्क़ इतने बहा लिए जाएं, दर्द सब आज़मा लिए जाएं। आज़ गफ़लत नहीं रहे कोई, राज़ सबसे जता लिए जाएं। मेज़बानी की इस शुमारी में, हाल बिखरे जमा लिए जाएं। काम आसान नज़र आएगा, हाथ सबके मिला लिए जाएं। हैसियत जानकर यहाँ अपनी, बोझ सर से हटा लिए जाएं। […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।