तेरे ख्यालों के आबोदाने में अक्सर हमें सिमटना नहीं आता हवाओं की साजिश को आखिर बता दिया हमे बिखरना नही आता गुफ्तगू की नुमाइंदगी में ख़ामोश बैठा हूँ भोली चिड़िया सा रेत की दर्दे दीवार हूँ बस जाकर कह दो फिसलना नहीं आता हवाओं में लिपटा हुआ तिनका हूँ इस […]

व्यर्थ पसीना बहा रहे हो खेत और खलिहान में, इस मेहनत की कोई कीमत नहीं है हिंदुस्तान में। कुर्सी पर बैठे हैं जो भी उनके लिए कब्र खोदो, सच मानो तो काम लगाओ चलकर कब्रिस्तान में। #डॉ.कृष्ण कुमार तिवारी ‘नीरव’ Post Views: 169

तिरे लब पर हमेशा ही कोई रहता बहाना था, तुझे भी है मुहब्बत यह  मुझे यूँ आज़माना था। मुझे तुम मिल गए मानो सभी कुछ मिल गया मुझको, तुम्हारा प्यार ही मेरे लिए जैसे खज़ाना था। हमेशा की तरह बारिश में मिलने रोज़ आता था, मुहब्बत का यक़ीं हर रोज़ […]

कभी संयोग यह बनता कहीं इनका भी मर जाता, तो भारत पाक का मसला उसी दिन खत्म हो जाता। फँसी है सैनिकों की जान इनकी ही सियासत में, चिता को आग देते तो इन्हें भी ज्ञात हो जाता॥                         […]

अबके युग में घर बनवाना सबके बस की बात नहीं, महंगाई में दीए जलाना सबके बस की बात नहीं। गिट्टी-मोरम सरिया आदि सब बाबा के मोल हुए– अपने घर पर छत लगवाना सबके बस की बात नहीं॥                           […]

वफ़ा की राह को देखा नहीं है। मुहब्बत को अभी समझा नहीं है॥ किसी के प्यार की खातिर अभी तक। मिरा जीवन कुंवारा-सा नहीं है॥ किनारों पर ही रहता है हमेशा। तूने नजरों पर उतारा नहीं है॥ मिरे सब ख्वाब मां के चरण में है। तूने मां को अभी पाया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।