अदम्य साहस के परिचायक, शौर्य वीरता के प्रतिमान , हमारे देश के वीर सैनिक, तीनों सेनाओं के जवान । स्वाभिमान पर करें प्रहार जो, दुश्मन का करते हैं दमन, ऐसे ही वीर सपूतों को, करते हैं हम सदा नमन। इन वीर जवानों के ही दम पर , सुरक्षित है हमारा […]

मेरा प्यारा भारत ऐसा हो , जहाँ गंगा जमुनी तहज़ीब पले , धर्म के नाम पर ना हों दंगे,  हर चेहरे पर मुस्कान खिले।  बेईमानी भ्रष्टाचार के दीमक से,  हो जाए मुक्त भारत प्यारा,  गरीबी बेरोजगारी दूर हटे,  ना रहे कोई खुद से हारा। मेरा देश ना बने कभी , […]

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फिल्म 2.0 की समीक्षा को लेकर आपके समक्ष उपस्थित हुआ हूं । यह फिल्म देखने के बाद मेरे मन में आया की, इस फ़िल्म के बारे में आप लोगों से बात किया जाय । फ़िल्म समीक्षा करने से पहले हम तनिक इस बात पर गौर करें की ,कोई भी सिनेमा,समाज […]

अनुपम धवल पूर्ण चंद्रमा पुलकित हर्षित है सृष्टि शीतल चाँदनी संग हो रही दुर्लभ अमृत रस की वृष्टि शरद ऋतु की  है सौगात शरद पूर्णिमा की ये रात अद्भुत छटा बिखर रही है स्वर्ग सी लगे कायनात । तरू लताएँ भी हर्षाईं धरा गगन देख मुस्काई चाँदनी संग भेजा संदेसा […]

आदिशक्ति हे मात भवानी जग जननी हे जग कल्याणी अवगुन मेरे  तुम दूर करो माँ पावन निर्मल ये मन कर दो। दुखों का सहरा हुआ ये जीवन कृपा को तरसे इसका कण-कण ऐसी कर दो प्रेम की बरखा सहरा को  तुम मधुवन कर दो। श्रद्धा से करूं भक्ति तुम्हारी विनती […]

शांत धरा के सीने में धधकते हुए कई ज़ख्म हैं पर क्यूँ इसकी हालत से आज बेखबर से हम हैं हवा जहरीली पानी दूषित हर तरफ फैला है प्रदूषण मानव के स्वार्थ के कारण प्रकृति का ह्रास हो रहा भीषण कब तक सहती रहेगी प्रकृति इसका क्रुद्ध होना  तो तय […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।