ऐसा हो मेरा भारत

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naveeta johari
मेरा प्यारा भारत ऐसा हो ,
जहाँ गंगा जमुनी तहज़ीब पले ,
धर्म के नाम पर ना हों दंगे,
 हर चेहरे पर मुस्कान खिले।
 बेईमानी भ्रष्टाचार के दीमक से,
 हो जाए मुक्त भारत प्यारा,
 गरीबी बेरोजगारी दूर हटे,
 ना रहे कोई खुद से हारा।
मेरा देश ना बने कभी ,
राजनीति का बड़ा दंगल ,
सच्चे नेता ही जीतें सदा,
करें जनता का जो मंगल।
 निर्मल नदियाँ कलकल बहें,
 कहीं सूखा ना अकाल पड़े,
 शुद्ध वायु में लें सब साँसें,
 प्रदूषण का स्तर नहीं बढ़े।
हर भारतवासी देश भक्त बने ,
अपने कर्तव्यों पर सदा दे ध्यान,
मेरा भारत ऐसा सुदृढ़ सशक्त बने,
विश्व पटल पर पाए मान सम्मान।

 

  #नविता जौहरी
        भोपाल (म.प्र.)
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।