नीरू की शादी एक खाते – पीते परिवार में हुई थी । पर कहते हैं न सभी का समय एक समान नहीं रहता । कुछ पति की बुरी संगत तो कुछ ससुर की बीमारी की वजह से नीरू को अपने सारे गहने, मकान सभी बेचना पड़े । एक समय ऐसा […]

भाग-३…………. पत्नी की मृत्यु के बाद राकेश उस सदमे से बाहर नहीं आ पा रहा था। उसे लग रहा था कि उसकी जिंदगी भी अब खत्म हो गई है, परंतु छोटी-सी बच्ची का चेहरा देखकर वह अपने-आपको जीवित रखने का प्रयास कर रहा था। आज वो उस दोराहे पर खड़ा […]

राष्ट्रभक्ति निज शक्ति मन में पसार करें, कोटि-कोटि जन का उद्धार होना चाहिए। राम नहीं दिखें अब रावण हैं चहुँ ओर, दुष्ट जन का अब संहार होना चाहिए। प्राण प्रण से जुटे जो देश सेवा राह पर, उन्हें सत्कार औ उपहार होना चाहिए। शर्मसार मानव है,बेलगाम दानव है, दानवी चलन […]

दिल से दिल की बात करेंगे। बातें   सारी  रात  करेंगे॥ शतरंजी ये  चाल  तुम्हारी, चुटकी भर औकात करेंगे। बतलाओ मत जात तुम्हारी, सुन लो फिर आघात करेंगे। नज़रों में तुम खटक गए तो, समझो तुम वो घात करेंगे। आँसू  छलके  राज  खुलेंगे, सावन-सी  बरसात   करेंगे। नेता  उनको  चुनवा  दें  तो, […]

भारत का इतिहास लिखा है,रक्तपात चिंगारी से। जयचंदों के छल प्रपंच,और भारत की लाचारी से॥ युद्ध भले हल्दीघाटी का,कुरुक्षेत्र का संग्राम हो। गैरों ने हो लहू बहाया,छल अपनों का अविराम हो॥ शाह बहादुर ज़फ़र सरीखे,भारत माँ के लाल हुए। मातृभूमि खातिर बर्मा में,वे जाकर निज प्राण दिए॥ पृथ्वीराज चौहान से […]

वरेण्य मातृभूमि की प्रचंड पुण्यभूमि की अखंड साधना करें। कश्मीर में प्रभुत्व शान्ति सौम्यता के भाव हों ये भावना करें॥ हिन्दुत्व का प्रभाव हो,प्रचार हो प्रसार हो न कि दुष्प्रचार हो। कश्मीर है अभिन्न अंग देश का समग्रता से मन में ये विचार हो॥ माँ भारती के ताज में न […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।