ज़ुल्म से टकराने वालों की निशानी और है आजकल के नौजवानों की जवानी और है इक ज़रूरी बात ये तुमको बतानी और है जो किताबों में छपी है वो कहानी और है फ़स्ल क्यों उगती नहीं है इस जगह उम्मीद की इस जगह का दोस्तो क्या खाद पानी और है […]

अभिनन्दन का अभिनंदन करो भारत सरकार नये 100 राफेल लाओ हमारे दिल्ली के दरबार मिग 21 हुए पुराने सुनलो कान खोल नेताजी हम तन मन धन से हमको ये आदेश स्वीकार नहीं भूले हम सौरभ कालिया अजय आहूजा दिल्ली करे आदेश तो उठाले हम भी हथियार बस एक लक्ष्य दे […]

यहाँ पर इश्क की पढ़ाई पढ़ाते है चाहतों के अंकुर दिलों में उगाते है झुक चुके जो बुढ़ापे में कंधे यारों उन बुजर्गो को सम्मान से उठाते है रखियेगा अभी दिल थामकर तुम खुशनुमा माहौल भी यहाँ बनाते है जिंदगी को आसुंओ से प्यार क्योँ इस प्रश्न का जवाब कही […]

दुश्मन आँख दिखाया है, सरहद तक चढ आया है , कितनी जाने गयी आज तक कितना लहू बहाया है । हम पूछते देश चलाने वालों राजनीति इतनी प्यारी क्यों है । अबतक चुप्पी धारी क्यों है । वार नहीं करना है तुमको फिर तलवार निकाली क्यों है । वीर नहीं […]

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जीवन की गाडी ठीक नही पर उसे रोज  बनाते है | कभी दाल भात मिल जाता है कभी सूखी रोटी खाते है|     हम अपना भार उठाते है कंधे पर मेरे गुरु भार है परिवार से खूब प्यार है पढने लिखने की उम्र मे रोजी रोटी कमाते है    हम […]

माँ तू ही एक ऐसी अनोखी कृति है, जिसकी अपने जैसा गढ़ना ही वृत्ति है। देती है संतान को जन्म मौत से लड़कर भी, बनाती है फिर उसको,अपने से बढ़कर भी। मां बनकर मातृत्व लुटाना,तेरे ही बस की बात है, दी है ईश्वर ने केवल तुझे,ये सौगात है। गोद में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।