ज़ुल्म से टकराने वालों की निशानी और है आजकल के नौजवानों की जवानी और है इक ज़रूरी बात ये तुमको बतानी और है जो किताबों में छपी है वो कहानी और है फ़स्ल क्यों उगती नहीं है इस जगह उम्मीद की इस जगह का दोस्तो क्या खाद पानी और है […]

अभिनन्दन का अभिनंदन करो भारत सरकार नये 100 राफेल लाओ हमारे दिल्ली के दरबार मिग 21 हुए पुराने सुनलो कान खोल नेताजी हम तन मन धन से हमको ये आदेश स्वीकार नहीं भूले हम सौरभ कालिया अजय आहूजा दिल्ली करे आदेश तो उठाले हम भी हथियार बस एक लक्ष्य दे […]

यहाँ पर इश्क की पढ़ाई पढ़ाते है चाहतों के अंकुर दिलों में उगाते है झुक चुके जो बुढ़ापे में कंधे यारों उन बुजर्गो को सम्मान से उठाते है रखियेगा अभी दिल थामकर तुम खुशनुमा माहौल भी यहाँ बनाते है जिंदगी को आसुंओ से प्यार क्योँ इस प्रश्न का जवाब कही […]

दुश्मन आँख दिखाया है, सरहद तक चढ आया है , कितनी जाने गयी आज तक कितना लहू बहाया है । हम पूछते देश चलाने वालों राजनीति इतनी प्यारी क्यों है । अबतक चुप्पी धारी क्यों है । वार नहीं करना है तुमको फिर तलवार निकाली क्यों है । वीर नहीं […]

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जीवन की गाडी ठीक नही पर उसे रोज  बनाते है | कभी दाल भात मिल जाता है कभी सूखी रोटी खाते है|     हम अपना भार उठाते है कंधे पर मेरे गुरु भार है परिवार से खूब प्यार है पढने लिखने की उम्र मे रोजी रोटी कमाते है    हम […]

माँ तू ही एक ऐसी अनोखी कृति है, जिसकी अपने जैसा गढ़ना ही वृत्ति है। देती है संतान को जन्म मौत से लड़कर भी, बनाती है फिर उसको,अपने से बढ़कर भी। मां बनकर मातृत्व लुटाना,तेरे ही बस की बात है, दी है ईश्वर ने केवल तुझे,ये सौगात है। गोद में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।