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मजदूर हूँ

हाँ!मैं एक मजदूर हूँ, पर मैं मजबूर नही हूँ। मैं हमेशा ही खाता हूं, खून-पसीने की कमाई। मैं हमेशा ही करता हूँ, सभी लोगों की भलाई। मुझमे थोड़ी भी शर्म…
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प्रियतम……..

निकलूं मैं  जब  तेरी  गलियों  से राहों में प्रियतम तुम मिल जाओ। लौटा  दो तुम अब मेरी नींद मुझे वापस मेरा मुझको दे दिल जाओ।। भटक रही शाम बिन तेरे…
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इश्क़

बड़ा नाजुक है दिल उससे भी नाजुक इसे समझाना है इश्क में रुसवाई मिले या दर्द ए किस्सा पुराना है कत्ल कर के नज़रों से अदा जिसका चैन चुराना है…
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आप  सभी को होली की हार्दिक बधाई ……

रंगो  की  बाग मै  फूल  रंग  का खिलता  है ए  मौका  वर्ष  मैं एक बार,  बसंत मै  मिलता  है..... रंग  गुलाल  से बनती  है हर  घर  मै रंगोली कितना मधुर …
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सृजन

          बहुत दिनो बाद  रामु  शहर से  गाँव वापस आ  रहा था l तीन-चार  दिन  के  य़ात्रा के बाद गाँव पहुंचा।  गाँव में  सब  कुछ बदला-बदला…
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भरोसा

वक़्त की हथेली से कहाँ कुछ छुप पाया है..., कह रही है हाथ की रेखा सब-कुछ एक माया है...l दुनिया की इस भीड़ में कहाँ निकल आए हम..., अपनों को…
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