हिमा दास है मेडल लाई,, हम देश में जश्न मनाते हैं,, और जिन्होंने.. बेटियां कोख में मारी,, वो खड़े खड़े पछताते हैं,, बेटी की कदर हुई जिस घर में,, उस घर का रोशन नाम हुआ,, देश का मस्तक हुआ है ऊंचा,, हिमा ने ऐसा काम किया,, बेटियां पलती अभावों में,, […]

जो मन से गुरूर को दूर करें वो गुरु,,  जो मन में रब का सुरूर भरे वो गुरु,,  जो मन में अलख जगाए वो गुरु,,  जो सही रास्ता दिखाएं वो गुरु,, जो अच्छों से सोहबत दे वो गुरु,,  जो रब से मोहब्बत दे वो गुरु,, जो हृदय में संस्कार जगा […]

पिता  की पगड़ी को जो गिरा दे,वो इश्क नहीं हो सकता है, अपनी शान में पिता का मान गिरा दे, वो इश्क नहीं हो सकता है, मां की कोख में जिस बेटी को, पिता ने बचाया है,, उसी बेटी ने देखो पिता का कैसे मान गिराया है,, जिस बेटी को […]

वहीं बारिश, वही कीचड़, वही मौसम पुराना है,, बस हम ही बदल गए, और बदला नया ठिकाना है,,  सिर के पल्लू को मुह से दबाए, अब गोरी कहां निकलती है,, हंसी ठिठोली कि कोई महफ़िल, अब कहां भला सजती है,, बारिश के पानी में अब कहां, कागज की  नाव  कोई […]

वजन किसी का बढ़ जाए,, या मोटा कोई हो जाए,,, जिंदगी जी लो जी भर के,, चाहे मोटापा कितना आए,, यहां पतले लोग हमेशा से,, मोटे लोगों से चिढ़ते आए,, खुद तो मोटा होना पाए,, मोटो को मोटा कहते आए,, मोटे लोगों का सदा,,, विशेष अभिवादन होता है,, मोटा पेट […]

पुरानी फिल्मों में जैसे किसी व्यक्ति की जान किसी तोते में अटकी रहती थी, उसी प्रकार आज हम सबकी जान इस मोबाइल रूपी तोते में अटकी हुई है, आज बच्चे हो या युवा हो, बुजुर्ग हो या फिर महिला हो सभी बस मोबाइल पर बिजी हैं। हर चीज के अच्छे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।