जो मन से गुरूर को दूर करें वो गुरु,,  जो मन में रब का सुरूर भरे वो गुरु,,  जो मन में अलख जगाए वो गुरु,,  जो सही रास्ता दिखाएं वो गुरु,, जो अच्छों से सोहबत दे वो गुरु,,  जो रब से मोहब्बत दे वो गुरु,, जो हृदय में संस्कार जगा […]

पिता  की पगड़ी को जो गिरा दे,वो इश्क नहीं हो सकता है, अपनी शान में पिता का मान गिरा दे, वो इश्क नहीं हो सकता है, मां की कोख में जिस बेटी को, पिता ने बचाया है,, उसी बेटी ने देखो पिता का कैसे मान गिराया है,, जिस बेटी को […]

वहीं बारिश, वही कीचड़, वही मौसम पुराना है,, बस हम ही बदल गए, और बदला नया ठिकाना है,,  सिर के पल्लू को मुह से दबाए, अब गोरी कहां निकलती है,, हंसी ठिठोली कि कोई महफ़िल, अब कहां भला सजती है,, बारिश के पानी में अब कहां, कागज की  नाव  कोई […]

वजन किसी का बढ़ जाए,, या मोटा कोई हो जाए,,, जिंदगी जी लो जी भर के,, चाहे मोटापा कितना आए,, यहां पतले लोग हमेशा से,, मोटे लोगों से चिढ़ते आए,, खुद तो मोटा होना पाए,, मोटो को मोटा कहते आए,, मोटे लोगों का सदा,,, विशेष अभिवादन होता है,, मोटा पेट […]

पुरानी फिल्मों में जैसे किसी व्यक्ति की जान किसी तोते में अटकी रहती थी, उसी प्रकार आज हम सबकी जान इस मोबाइल रूपी तोते में अटकी हुई है, आज बच्चे हो या युवा हो, बुजुर्ग हो या फिर महिला हो सभी बस मोबाइल पर बिजी हैं। हर चीज के अच्छे […]

दाल रोटी खाते थे, ना अस्पताल जाते थे,, ना कभी चेकअप कराया, ना खून चढवाते थे,, लकड़ी के हाथी घोड़े थे, एक ढोल एक बाजा था, दादी की कहानियों में, हर एक बेटा राजा था,, आँखो की शरम थी और सबका आदर मान था,, कितना भी झगड़ा था चाहे दिल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।