रात की खमोशी में चाँद मुझे चाँदनी में नहलाता रहा, मैं बस चकोरी-सी इक टक चाँद को निहारती रही। नयनन की भाषा निशब्द फिजाओं में तैरती रही, प्रेम का दरिया हम दोनों के दरमियां बहता रहा। नयनों की भाषा लख चाँद ने कोमल रश्मि पाश में मुझे बाँध मेरे अंतरतम […]

संस्कृत से आई है हिंदी, हिन्द की पहचान है हिंदी। जनमानस की भाषा है,सरलता है; हमारी `मातृभाषा` है,ममतामयी हैll क्या थी हिंदी? कहाँ से आई हिंदी?, बनकर रह गई हम सबकी जान। पहचान स्वाभिमान बनकर है, चारों ओर है एकता का बंधन हैll प्यार,एकता,शांति की अनूठी छाप है, `राष्ट्रभाषा` भारत के […]

इस फ़रेबी दुनिया से बचना जरूरी हो गया है, लग रहा है सूर्य-सा जलना जरूरी हो गया हैl रात है ग़म से भरी और संग दौर-ए-ज़ाम है पर, ऐसा लगता प्यार का मिलना जरूरी हो गया हैl  कट रही है ज़िन्दगी भी अपनी कुछ तन्हाईयों में, अब गिरूँगा इश्क में,गिरना […]

चले आओ सभी मिलकर, बनाएं  नाव  कागज की ।   हुई बरसात है कितनी गली में भर गया पानी । सुनो राजू, सुनो मन्नू, सुनो तो राधिका,रानी ।।   इसी पानी में तैराएं,  हमारी नाव कागज की ।   रखी है मेज  पर  कॉपी, चलो पन्ने निकालें हम । मगर […]

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मन की अभिव्यक्ति है शब्द, तन की अनुभूति है शब्दl बोली की मिठास है शब्द, आपस में कभी खटास है शब्दl गीता के उपदेश हैं शब्द, सीता के संदेश हैं शब्दl मीरा की भक्ति है शब्द, कान्हा की शक्ति है शब्दl जीवन का हर भाव है शब्द, कभी धूप तो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।