चलो अब खुद को बेसहारा कर लिया जाए, एक दूसरे से अब किनारा कर लिया जाए…। साथ नहीं था मुमकिन हमारे नसीब में, दुनिया को कहने को कोई बहाना कर लिया जाए…। वो लम्हों खफा रह कर एक पल का सुकून देता है, चाहती हूँ अब इसका भी सहारा ना […]

तुम अधर का गीत बन जाओ, मैं गुनगुनाता रहूँ। महफिलें जब भी सजे मैं रौनक बढ़ाता रहूँ, दुआ ऐसी लगे तेरे दिल की माँ.. जमीं से फलक तक बस जगमगाता रहूँ,जगमगाता रहूँl।   खिलाया तूने ये पुष्प जग बगिया में, खुश है तू सौंपकर इसे इस जहाँ को.. दुआ तेरी […]

 ‘जिद’ शब्द की परिभाषा  यानी बिना विवेक के जो मांग की जाती है,और उसकी पूर्ति तत्काल हो जाए ,तो वह जिद है। बच्चों में विवेक की कमी होती है और मांगी गई वस्तु उसी समय चाहते हैं। न मिले तो जिद अपने सक्रिय रुप उपद्रव में बदल जाती है, लेकिन […]

इस  जमाने  की  हकीकत  आशनाई  देख  ली । कर  मुहब्बत  कर वफा   करके भलाई देख ली।। दर्द   देकर   ज़िन्दगी   को   बद्गुमानी   में   रहे। ज़िन्दगी   मैंने   तुम्हारी    बेवफाई    देख   ली।। गलतियाँ कर नासमझ बन और खुद नाराज तुम। घाव […]

तासी ने इतिहास रचाया। पीछे रामचंद्र ने गाया।। आदिभक्तिअधु रीति बनाई। चारभाग संवत में गाई।। खुसरो जग विद्या वरदाई। चारों आदि कवि कहलाई।। रामकथा तुलसी ने गाई। बीजक कबीरा कही सुनाई।। मीरा सूरा खान बखाना। नंद चतुर्भुज वल्लभ जाना। रामा तुलसी नाभा गाते। अग्र ह्रदय प्राणा भी आते।। सेन भगत […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।