भारत अपनी गाथा खुद गाता है

Read Time0Seconds

ekata vyas

हिन्द सागर जिसके चरणों को धोता हैं

गंगा सिन्धु की उछाल कण कण में सजोता है

सपनों से भरा ये देश अपने अस्तित्व की मौजूदगी को दोहराता है

भारत अपनी गाथा खुद गाता है

कईयों ने लुटा कई यहां बस गये

पर भारत ने अपने अस्तित्व की क्षुण्ता को भी नहीं खोया

अपने अस्तित्व को आज भी दोहराता है

भारत अपनी गाता खूद गाता है

प्रथ्वी पर ही नहीं आकाश में तीरंगा लहराता है
चांद मंगल सब जगह अपना अस्तित्व दोहराता है
भारत अपनी गाथा खूद गाता है
                            #एकता व्यास  
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

विराम

Mon Jun 4 , 2018
मुझसे बोले एक सज्जन कि तुम रुक -रुक कर क्यों बोलते हो? क्या हकलाते हो? मैंने कहा – तुम भी कहो रुक-रुक कर, गर विरामों को जानते हो…. विरामों को जानना होता है, पहचानना होता है, उसकी तह में उतरना होता है फिर निकलना होता है। विरामों का ‘संप्रेषण’ नहीं […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।