जिसने जाना जीवन मोल

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anup sinh

सुना विश्व को निज विचार,
बदली उसके पथ की धारl
जहां विश्व हो भ्रमित खड़ा था,
गंतव्य दिशा के बंद पटों को                                                                                    दिया वहीं पर खोल,                                                                                              जिसने जाना जीवन मोलl

जब तम ने था सब-कुछ घेरा,
डाल रश्मि स्त्रोतों पर डेरा
तत्व धाम थे सभी अगोचर,
तब निज को ही जला स्वयं ही                                                                                जगमग किया खगोल,                                                                                            जिसने जाना जीवन मोलl

स्वर स्वयं था मौन खड़ा जब,
शोषक स्वर था एक बड़ा जब
मुंह को सिलना था कर्तव्य,
तब विकल मौन हाहाकारों में                                                                            निज का परिचय दिया बोल,                                                                            जिसने जाना जीवन मोलl

देवासुर के भीषण रण में,
देवों के पराजय क्षण में
मानवता की लाज बचाने,
तब हड्डी का वज्र बनाने
मृत्यु तुला पर दिया स्वयं को तौल,
जिसने जाना जीवन मोलll

                 #अनूप सिंह 

परिचय : अनूप सिंह की जन्मतिथि-१८ अगस्त १९९५ हैl आप वर्तमान में दिल्ली स्थित मिहिरावली में बसे हुए हैंl कला विषय लेकर स्नातक में तृतीय वर्ष में अध्ययनरत श्री सिंह को लिखने का काफी शौक हैl आपकी दृष्टि में लेखन का उद्देश्य-राष्ट्रीय चेतना बढ़ाना हैl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।