अग्निकुञ्ज

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shreeman
एक पक्ष भाव से,लिखा नहीं सु ग्रंथ को,
धर्म-कर्म  से अभी,रखा नया सुपंथ को।
सस्य श्यामला बने,धरा प्रकीर्ति गुंज से,
पाप ताप है मिटे विराट अग्निकुञ्ज से॥
देश काल मान का,समृद्ध सार अंक है,
हार-जीत जो हुआ,समस्त तार अंक है।
नित्य गंध व्याप्त हो,सनेह पुष्प कुंज से,
शुद्धता बने रखे,विराट अग्निकुञ्ज से॥
अधर्म रंग लेखनी,प्रवाहती धरा अभी,
समाज की कुरीतियां,पले नहीं मिटे सभी।
प्रसून छांव हो यहाँ,सुसाहिती निकुंज से,
प्रमोद भाव जागती,विराट अग्निकुञ्ज से॥
नैतिकत्व हो यहाँ, सुसाहिती प्रधानता,
मूल्यहीन लेखनी,नहीं बने महानता।
आज देश  है बड़ा,स्वतंत्र मत्त लुंज से,
ज्ञान पा बने पुनः,विराट अग्निकुञ्ज से॥
नित्य चेतना भरे,उदास चाहती सदा,
जीव वेदना लखे,सुवास वाहती सदा।
आज देश  है घिरा,प्रदेश द्रोह धुंज से,
प्रेरणा प्रदीप्त हो,विराट अग्निकुञ्ज से॥
धरे युवा मशाल को,मदांध नित्य तारते,
स्वराष्ट्र भाव हृदय हो,विजात को प्रहारते।                                                              प्रशस्त पंथ में चले,विवेक दिव्य पुंज से,
उजास चाहती सदा,विराट अग्निकुञ्ज से॥
#श्रीमन्नारायणाचार्य ‘विराट’
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।