नव वर्ष 

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pushpendra
ऐसा नव वर्ष मनाएं क्यों,
ऐसी संस्कृति बनाएं क्यों ?
जब मदिरालय की मदहोशी का
मातम फैला रहता हो,
सोने की चिड़िया का यौवन
धुआं नशे में जकड़ा हो,
जब आधुनिकता में आकर
अश्लील तराने बजते हों,
जब तोड़ के सारी मर्यादा
 तन के श्रृंगार बरसते हों,
पश्चिम की धुन पे आकर के
अपना संगीत भुलायें क्यों…
ऐसा नव वर्ष मनाएं क्यों।
ऐसी संस्कृति बनाएं क्यों ?
इतिहास हमारा कहता न
संस्कृति हमारी कहती न,
ठिठुरी प्रकृति की भौगोलिक
कोहरामय सृष्टि कहती न,
मौसम विज्ञान भी कहता न
सामाजिक जीवन कहता न,
हिंदी के चैत को हाँ बोलो
अंग्रेजी नव वर्ष को बोलो न,
‘पूष’ की भीषण सर्दी में
जब रातें गहरी-गहरी हों,
गर अपने ईश्वर परमेश्वर का
गुरुओं का हम ध्यान करें,
गर अपने मंदिर जाकर के
पूजन-पाठ विधान करें,
पुत्र श्रवण गर न बन पाएं
तो भी इतना ध्यान करें,
धरती पर भगवान मिले
उनका पूरा सम्मान करें,
गर मात-पिता के चरणों की…
सेवा का नियम बनाओ तो,
तब ही सार्थक होगा।
ऐसा नव वर्ष मनाओ तो॥

                #पुष्पेन्द्र जैन ‘नैनधरा’

परिचय : पुष्पेन्द्र जैन ‘नैनधरा’ का  सागर(मध्यप्रदेश) के गोपालगंज में निवास है। आप यहीं पर टाइल्स- मार्बल और सेनेटरी का व्यवसाय करते हैं। साथ ही कविताएं और लेख लिखने का शौक भी रखते हैं। कविता लेखन में विशेष रुचि है। १००० से अधिक रचनाएं लिख चुके हैं,जो कई संचार माध्यमों से प्रकाशित भी हुई हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।