आज रमेश बड़ा उदास नज़र आ रहा है। उसकी आँखों में बड़ी सोच है। वह बड़ा अधिकारी बनना चाहता है,मगर घर की गरीबी उसके हर सपने को तोड़ देती है।
अचानक उसके पास एक लाल रंग की बोलेरो गाड़ी आकर रुकती है। उसमें से तीन व्यक्ति उतरते हैं। उनमें से एक व्यक्ति बोला-नौजवान उदास क्यों बैठा है। रमेश बोला-क्या करुं,रोजगार पाना चाहता हूं लेकिन घर की गरीबी देखी नहीं जाती। पिताजी नहीं है,माँ बीमार है। मेरी बहन दो दिन से बुखार में पड़ी है।
रमेश बोला-तुम सब कौन हो ?
वह व्यक्ति बोला-हम एक संस्था से आए हैं,जो युवाओं को रोजगार देती है। क्या तुम हमारे साथ चलोगे ?
रमेश साथ जाने के लिए तैयार हो गया मगर घर की हालत उसे बार-बार रोकती। आखिर में उसने मना कर दिया। भाइयों आप पहले मेरे परिवार का इलाज करवा दीजिए।
संस्था के लोगों ने रमेश की मदद की । आज घर मे सब स्वस्थ हैं। तब रमेश रोजगार से जुड़ गया।
#राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’
परिचय: राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ की जन्मतिथि-५ अगस्त १९७० तथा जन्म स्थान-ओसाव(जिला झालावाड़) है। आप राज्य राजस्थान के भवानीमंडी शहर में रहते हैं। हिन्दी में स्नातकोत्तर किया है और पेशे से शिक्षक(सूलिया)हैं। विधा-गद्य व पद्य दोनों ही है। प्रकाशन में काव्य संकलन आपके नाम है तो,करीब ५० से अधिक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आपको सम्मानित किया जा चुका है। अन्य उपलब्धियों में नशा मुक्ति,जीवदया, पशु कल्याण पखवाड़ों का आयोजन, शाकाहार का प्रचार करने के साथ ही सैकड़ों लोगों को नशामुक्त किया है। आपकी कलम का उद्देश्य-देशसेवा,समाज सुधार तथा सरकारी योजनाओं का प्रचार करना है।