महकते पुष्प

Read Time1Second
mukesh bohara
शब्द-साधना, ब्रह्म-साधना।
यही तो है बस, स्वयं-साधना॥
शब्द मेरे पास आओ,
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ।
कोई गीत,कहानी,कविता सुनाओ॥
मधुर तुम, मधुर तुम, रसीले बहुत हो।
सरल तुम, सहज तुम, रंगीले बहुत हो॥
मिसरी से मीठी, हमें तान सुनाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों ,मेरे पास आओ॥
तुम ही तो शारदे, तुम ही तो गलहार हो।
फूलों का घर तुम , तुम ही तलवार हो॥
मेरे कंठ आ तुम, वो शोभा बढ़ाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ॥
मतला है,मक़ता है,कहीं पर काफिया है।
रदीफ, शेर,गजल में, ये बहर क्या है॥
गालिब, दुष्यन्त की, गजल तुम सुनाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ॥
रस, छन्द तू है, तू ही है अलंकार।
तू ही तू ब्रह्मा, तू ही तो है सार॥
हमें भी तो अपना, असर तुम दिखाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ॥
नवगीत, कहानी, आलेख, उपन्यास।
नाटक का मंचन, फैलाते सुवास॥
गुण-दोष,भाषा का, व्याकरण सिखाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ॥
भावों की गंगा, शिल्पों की जमुना।
शब्दों के पथ से ही,है पाती मचलना॥
आकंठ डूबे हम, वहां तिरना सिखाओ।
अरे ! प्यारे शब्दों, मेरे पास आओ॥
                                                             #मुकेश बोहरा ‘अमन’ 
परिचय : मुकेश बोहरा ‘अमन’ अधिकतर बाल रचनाएँ रचते हैं। आप पेशे से अध्यापक होकर बाड़मेर (राजस्थान) में बसे हुए हैं।
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मानवता का उदघोष

Tue Oct 3 , 2017
विश्व धरातल पर तुम, मानवता का उदघोष कर दो। सृजन के संसार में तुम, अमिय की रस धार भर दो। संसार सृष्टिकर्ता का, स्वप्न है साकार, गिरि भूमि सागर वन-उपवन रचे विविध आकार। चर अचर बहुजाति जीव, सबमें सुन्दर तम मानव है विकसित बुद्धि विवेकशील कर्म पथ का साधक है। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।