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विदेशों की औकात
Thu Aug 10 , 2017
हम सबको मिलकर अब,काम ये करना होगा, स्वप्न जो थे वीरों के,उन्हें पूरा करना होगा। हो गए जो धूमिल यहां रिश्तें अंधकारों से, उन रिश्तों को फिर प्रकाशित करना होगा॥ लूट ले गए जो भारत की धन दौलत को, उनको एक बार फिर धनी हो के दिखाना होगा। आ रहे […]

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