मौसम

rajkumar maskhara
हर मौसम का आनंद
लेता सुविधा सम्पन्न,
साधनहीन गरीब का
निकल जाता है दम।
ग्रीष्मकाल के लुलपट ने
प्राण पखेरू उड़ा लिया,
भारी वर्षा में इनके शिशु
नाले में बहते देखा गया।
जब आई शीत ऋतु तो
निमोनिया ने निगल लिया।
धनी व्यक्ति के घर में
एसी मशीन जो लगी है,
उनका मन जब चाहे
छत में वर्षा कर ली है।
घर के भीतर वह आबोहवा
चंद बटन दबा,
साध ली है।
संसार के कुछ बड़े धनवान
लंबे जीवन के करते जतन।
बस उन्हें दुःख सताता है,
अमर होना अब बाकी है।
मौसम रोधी मकान के
है हर दरवाजे जो बंद,
मौत भी बड़ी चालाक है
खिड़की से चली आती है।
                                                                                      #राजकुमार मसखरे
परिचय : राजकुमार मसखरे पेशे से शिक्षक (प्राथमिक) हैं। आपकी शिक्षा एमए,एलएलबी और डीएड भी है।छत्तीसगढ़ के भदेरा
(जिला राजनांदगांव) में आप रहते हैं।

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