नवरस काव्य उत्सव सम्पन्न, श्री पटेरिया स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित

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युवाओं की ऐसी पौध ही कवि सम्मेलन का भविष्य- डॉ. दवे

प्रतियोगिता में रुद्र प्रथम, सक्षम द्वितीय और मनीष रहे तृतीय।

इन्दौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प नवरस का काव्य उत्सव रविवार को इंदौर प्रेस क्लब के राजेन्द्र माथुर सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे व अध्यक्षता कवि प्रकाश पटेरिया ने की एवं विशेष अतिथि सुनीता दवे व एकाग्र शर्मा रहे।
काव्य उत्सव के दौरान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा कवि सम्मेलन मंचों पर चार दशक से अधिक काव्य पाठ करने वाले वरिष्ठ कवि प्रकाश पटेरिया को स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित किया गया।

नवरस काव्य उत्सव में लगभग 30 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिसमें प्रथम स्थान पर रुद्र प्रताप रुद्र, रीवा, द्वितीय स्थान पर सक्षम राहुल, देवास व तृतीय स्थान पर मनीष पाटीदार मन, राऊ रहे।

आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ. विकास दवे ने अपने संबोधन में युवाओं को सुखद परम्परा की पुनः शुरुआत की बधाई देते हुए कहा कि ‘जिस तरह वर्तमान में यह युवा चुटकुले, फूहड़ हास्य के इतर रचनापाठ कर रहे हैं, निश्चित तौर पर हिन्दी कवि सम्मेलनों का भविष्य आशान्वित और सुखद है। यही युवाओं की नई पौध हिन्दी कवि सम्मेलनों का भविष्य है।’

नवरस के संयोजक कवि गौरव साक्षी ने बताया कि ‘उनकी संकल्पना का आकार लेना सुखद है। युवाओं का यह परिवार हमें ऊर्जावान बनाता है।’

काव्य उत्सव में सक्षम राहुल, देवास, दामिनी ठाकुर, इंदौर, शशांक मिश्रा अंकुर, सीधी, मनीष पाटीदार मन, राऊ, रुद्र प्रताप रूद्र, इंदौर, विजय शुक्ला, इंदौर, समर्थ भावसार, उज्जैन, चंद्र भूषण बारोड़, उज्जैन, निहारिका प्रजापत, इंदौर, आशीष चौहान, रायसेन, स्वाति सनोदिया पंखुड़ी, सिवनी, सोमी खेमसरा, खाचरोद, सुनील रघुवंशी सिपाही, इंदौर, प्रीति दुबे, इंदौर, दामोदर विरमाल मन, महू, वाणी, अमित जोशी, इंदौर, अनिल ओझा, इंदौर, शिवानी उदेनिया ने सहभागिता की।
नवरस का संचालन कवि अक्षत व्यास ने किया एवं आभार संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने माना।

काव्य उत्सव दल से अवनीश पाठक सूर्य, अमित अभ्यंकर, विघ्नेश दवे, लव यादव, राहुल शर्मा, आशीष पँवार, आशीष थापक सरोजेय, कल्पेश वाघ व सुषमा व्यास राजनिधि ने भी काव्य पाठ किया।

आयोजन में नितेश गुप्ता, नीना जोशी, शिखा जैन, प्रकाशचन्द्र ओस्तवाल, मुकेश तिवारी सहित कई साहित्यानुरागी उपस्थित रहे।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।