हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह आज

Read Time2Seconds

श्री पंत और डॉ. दवे हिन्दी गौरव अलंकरण से होंगे विभूषित

इंदौर। हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ आज रविवार स्थानीय साउथ एवेन्यू हॉटल में दोपहर 3 बजे से हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह आयोजित करने जा रहा हैं। वर्ष 2021 के हिन्दी गौरव अलंकरण चयन समिति ने मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत व तीन दशक से देवपुत्र के संपादक रहे एवं वर्तमान में साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन के निदेशक डॉ. विकास दवे को हिन्दी गौरव अलंकरण से विभूषित किया जाने का निश्चय किया है। समारोह के मुख्य अतिथि नई दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक जी एवं चैन्नई के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक प्रो. बी. एल. आच्छा जी अध्यक्षता करेंगे।

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में काव्य साधकों को काव्य गौरव सम्मान भी प्रदान किया जायेगा जिनमें मेरठ से कवियित्री शुभम त्यागी, झाबुआ से हिमांशु भावसार ‘हिन्द’, इंदौर से गौरव साक्षी एवं महेंद्र पँवार एवं भोपाल से कवियित्री अपूर्वा चतुर्वेदी सम्मिलित रहेगी। समारोह का संचालन कवि अंशुल व्यास करेंगे। इसी के साथ श्रीमती अर्चना प्रेम माथुर का भी सम्मान किया जाएगा।

ज्ञात हो कि संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष एक हिन्दी सेवी पत्रकारिता के क्षेत्र से व एक हिन्दी सेवी साहित्य लेखन क्षेत्र से चयनित किए जाते है। पूर्व में पद्मश्री अभय छजलानी एवं अज्ञेय के चौथा सप्तक में शामिल राजकुमार कुम्भज भी इस अलंकरण से विभूषित हो चुके हैं।

संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीना जोशी ने बताया कि ‘संस्थान द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित सम्मान में हिन्दी गौरव अलंकरण अग्रणीय हैं, इस वर्ष 2021 में कैलाश चन्द्र पंत जी व डॉ. विकास दवे जी इस अलंकरण से विभूषित होंगे जो निःसंदेह हिन्दी के गौरव हैं, आप के अवदान को सदियों तक याद रखा जाएगा। संस्थान आपको सम्मानित कर स्वयं गौरवान्वित महसूस कर रहा है।’
इस अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता, जलज व्यास, सपन जैन काकड़ीवाला आदि ने शुभकामनाएँ दीं।

0 0

matruadmin

Next Post

आज की नारी…..

Sat Feb 27 , 2021
जीत की ही राह चली न हारती रही शान है वो हिन्द की भारती रहीं शक्ति के रूप में देखा है सभी ने मुश्किलों में दिन भी वो गुजारती रहीं माँ का वो बहन का वो भगवान रूप है होती रहीं पूजा कभी ,आरती रहीं बच्चों को पढ़ाया और सम्मान […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।