अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर कार्यशाला सम्पन्न

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आगरा ।

गत-दिवस को BWI  के सहयोग से होटल प्रिया के सभागार में फतेहाबाद रोड आगरा में असंगठित कर्मचारी यूनियन / उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन द्वारा ” अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक जागरूकता कार्यशाला ” का आयोजन किया गया । कार्यशाला में आगरा ग्रामीण विधायक श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह ने स्थानीय यूनियनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक हों , चाहे राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक हों उन्हें कार्यस्थल पर विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है । लॉकडाउन के दौरान उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा यह हकीकत है | हमारी केंद्र सरकार ने विदेशों में काम करने गए श्रमिकों को वापिस लाने में काफी  काम किया व उनके भरण पोषण हेतु नवम्बर 2020 तक मुफ्त राशन मुहईया कराया , उन्हें राशन किट के साथ 1000 रु प्रति श्रमिक सहायता दी व उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को 1000 – 1000 रु आर्थिक सहायता दी , गरीबों मजदूरों को राशन सहायता दी गयी ।सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले । प्रवासी श्रमिकों के सहायतार्थ BWI  द्वारा किये गए प्रयास काबिले तारीफ़ हैं , उन्होंने अपने स्तर से स्थानीय यूनियनों को हर सम्भव सहयोग करने का आश्वासन दिया । कार्यशाला में असंगठित कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष श्री बिजेंद्र शर्मा ने लक्ष्य व उद्देश्यों पर प्रकाश डाला व उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के अध्यक्ष श्री तुलाराम शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की । कार्यशाला में श्रीमती सोमा जैन , रमेश चंद्र पालीवाल एडवोकेट, वरिष्ठ- अधिवक्ता हरीमोहन कुशवाह , जितेंद्र शर्मा , बबिता , सोनू दिवाकर , हर्ष दिवाकर आदि ने भाग लिया ।  कार्यशाला का समापन रमेश चन्द पालीवाल एडवोकेट द्वारा किया गया ।
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा 

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।