देखकर आपको…

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देखकर आपकी तस्वीर
दिल बैचैन हो उठा।
लगा आँखो से एक तीर
दिलको घायल कर गया।
जो भी देखते होंगे तुम्हें
दिवाने वो हो जाते होंगे।
और ख्यालो में वो सब
न जाने क्या-२ सोचते होंगे।।

बहुत गहराई है तुम्हारी
प्यारी प्यारीआँखो में।
और बहुत कुछ बाते है
तुम्हारे प्यारे प्यारे होंठ में।
बहुत ही फुर्सत में तुम्हें
उस विधाता ने बनाया है।
तभी तो विश्वामित्र को भी
उसी विद्याता ने बनाने है।।

बहुत तेजस्वी चेहरा है
जो हर दिलको लुभाता है।
हिमालायल की वादियों में
मोहब्बत करने को बुलाता है।
आँखो की नर्मियो से
होठों की गर्मियों से।
चाय के बागानो में
बहुत कुछ दिल कहता है।।

बड़े ही किस्मत वाले
होते होंगे वो लोग।
जिस पर आप की
नजरे इनायत होती होंगी।
संभल भी नहीं पाते होंगे
जब नजरे तुमसे मिली होंगी।
कही के भी उस समय
वो नहीं रहे होंगे जी।।

कयामत बहुत ढाती हो
तुम अपने इस हुस्न से।
बहुतो को तुमने अबतक
बीमार कर दिया है।
निकलती जब भी हो
तुम अपने घर से बहार।
तो दिल थामकर लोग
बैठते होंगे तुम्हें देखने को।।

जय जिनेंद्र देव की
संजय जैन (मुंबई)

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।