
प्यार इतना मिला इतनी चाहत मिली
रूप माँ बाप में सारी दौलत मिली
हाथ जब जब कभी मेरे सर पर रखा
जमाने की खुशियाँ बदौलत मिली
आँखों में आँसुओं की जगह ही नहीं
हा रब से हमे इतनी बरकत मिली
ख़ुदा गॉड ईश्वर मालिक एक है
मैंने पूछा तो दुनियां भी सहमत मिली
जोर चलता नहीं यहाँ किसी और का
मैंने देखा हैं रब की हुकूमत मिली
#किशोर छिपेश्वर”सागर”
बालाघाट

