आपत्तिजनक एडवरटाइज का विरोध

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तनिष्क ज्वेलरी ने अपने एक एडवरटाइज में हिन्दू लड़की को मुस्लिम परिवार की बहू बना कर प्रदर्शित किया। जिसमें मुस्लिम महिला बनी सास अपनी गर्भवती हिन्दू बहू का ध्यान रखते हुए गोद भराई की रस्म संपन्न करती है, जिसे बड़े ही आकर्षक रूप में बताया गया है। दुर्भाग्य से यह दिखाने का प्रयास हुआ कि मुस्लिम घरों में हिन्दू बेटियों का कितना ध्यान रखा जाता है। जिसे हिन्दू समाज ने लव जिहाद के समर्थन के रूप में पाया और सोशल मीडिया से लेकर इलेक्ट्रोनिक मीडिया, शोरूम हेल्पलाइन, शोरूम आउटलेट तक अपने विरोध को पहुंचाया। गुजरात के एक तनिष्क शोरूम द्वारा लिखित रूप में क्षमा पत्र अपने शोरूम के बाहर चस्पा किया गया, जिसमें लिखा गया था कि तनिष्क की ओर से प्रसारित एडवर्टाइज से किसी भी हिन्दू परिवार को यदि ठेस पहुंची है तो हम उसके लिए क्षमा चाहते हैं। यह एक बहुत बड़ा संदेश है और करारा थप्पड़ है उस घृणित मानसिकता को जो हिन्दू मान्यताओं व परंपराओं को बॉलीवुड व टीवी धारावाहिकों के माध्यम से अपमानित करते है, अब समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। अब हर छोटी से छोटी अपमानजनक घटना पर समाज जागृत होकर विरोध करता है और यह विरोध केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहता इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से होते हुए शोरूम व संबंधित संस्थाओं को आर्थिक रूप से बहिष्कार करने तक प्रतिबद्ध होता है। जिसके कारण अब ऐसी हिन्दू विरोधी घटनाओं पर विराम लगना तय है। अब समाज ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं करता, यह मानसिकता समाप्त होना चाहिए जिसमें हिन्दू को भ्रमित करते हुए अपनी परंपराओं से दूर किया जाता है, उसकी आस्था पर चोट की जाती है, उसकी मान्यताओं को तुच्छ बताया जाता है, जबकि यही एडवर्टाइज और धारावाहिक अन्य पंथों की रूढ़ीवादी परंपराओं या अंधविश्वासों पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं उठाते ! एक तरफ जहां मणिरत्नम की बॉम्बे फिल्म में हिन्दू पत्रकार नायक की बीवी को मुस्लिम लड़की दिखाया था। तब जावेद अख्तर फिल्म में बदलाव के समर्थन में खड़े हुए थे। ठाणे, भोपाल, हुबली, मेरठ तक विरोध-प्रदर्शन और अंततः मणिरत्नम के घर पर हमला किया गया था। सिर्फ हिन्दुओ की भावनाओ से खेलना ही आसान था, भारत में। पर अब हिन्दू भी अपने अपमान का जवाब देना सिख चुका है, मुद्दा जो भी हो हिन्दू तुरन्त जवाब देने लगा है। तनिष्क ज्वेलर्स को ऐसा सबक सिखाया जो आजतक किसी व्यवसायिक कम्पनी ने सोचा भी नही था। सोशल मीडिया पर भयंकर विरोध के बाद, कंपनी आउटलेट पर भी ग्राहकों ने मौखिक विरोध किया, हजारों कॉल कस्टमर केयर पर गए एक सप्ताह कस्टमर केयर ने फोन उठाना बन्द किए, हजारों ग्राहकों ने अपने अकाउंट्स तनिष्क से विड्रॉ करवा लिए। ऐसा सबक हर बार विवादित एडवरटाइज, धारावाहिक, फ़िल्म को मिलना ही चाहिए ताकि भविष्य में कोई फिल्मकार हो या बिजनेस मेन, हिन्दू मान बिन्दुओं का अपमान करने की हिम्मत न कर सके, और यदि इतने पर भी करे तो उसे वो आर्थिक, समाजिक, मानसिक मार पड़े जो वह स्वप्न में भी ना भूल सके।

मंगलेश सोनी
धार (मध्यप्रदेश)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।