तेरा मेरा हाल

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प्यार दिल से करोगें,
तो प्यार पाओगें।
दिल की गैहराइयों में,
तुम खो जाओगें।
प्रेम सागर में खुदको
तुम डूबा पाओगें।
और जिंदगी में प्यार
ही प्यार तुम पाओगें।।

प्यार क्या होता है,
जरा तुम तो बताओं।
दिल की धड़कनों में,
आवाज़ इसकी सुनाओ।
प्यार रक्त के समान होता है,
जो नशों में सदा बहता है।
इसलिए तो प्यार में
इंसान जीत और मरता है।।

बड़े बदनसीब है वो,
इस जमाने में।
जिनको जिंदगी में,
प्यार मिला ही नहीं।
और इस जन्नत में,
वो रह पाए ही नहीं।
ऐसे लोग जिंदगी में,
सदा तन्हा होते है।।

खोलता हूँ जब भी
घर की खिड़कीयों को।
सामने तुम ही तुम
नजर आते हो।
देखकर तुम्हें दिलमें मेरे,
अजबसी तरंगे दौड़ जाती है।
जो दिलकी बैचेनियों को,
दिनरात बहुत बढ़ाती है।
और तुम्हें बाहों में भरकर,
सीने से लगाने को कहती है।।

दिल तेरा भी वहां धड़कता होगा,
मेरा दिल यहाँ धड़क रहा है।
प्यार की तड़प में करवटे बदलते होंगे,
मैं यहां कबसे बदल रहा हूँ।
तुमको देखे बिना अब,
नींद कहाँ आती मुझको।
शायद तेरा भी यही,
हाल हो रहा होगा।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन (मुम्बई)

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सीख

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।