अटल जी की दूसरी पुण्य तिथि पर दो शब्द

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अटल जी अटल थे,अटल ही उनका गहना था।
विश्व के हर भू भाग पर उनका ताना बाना था।।

देते थे जब वे भाषण संसद की दीवारें हिल जाती थी।
हिन्दी के शब्दों के कारण सब भाषाएं हिल जाती थी।।

अटल कुशल प्रशासक थे वे विश्व के जननायक थे।
सुना जब यू एन ओ में भाषण सब उनके प्रंशसक थे।।

वे लोकतंत्र की मिशाल थे, कभी ने इससे मुख मोड़ा था।
एक वोट के खातिर उन्होंने प्रधान मंत्री पद छोड़ा था।।

सरलता के वे सागर थे,हिंदी शब्दों के वे गागर थे।
भा जा पा के नायक थे परिवारवाद के निवारक थे।।

पुण्य तिथि है आज उनकी हम भारतवासी भावुक है।
रस्तोगी उनके आगे बौना है,वे तो कविता के साधक थे।।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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matruadmin

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अटल बिहारी वाजपेयी

Sun Aug 16 , 2020
प्रभावशाली होती थी बातें उनकी उनकी खामोशियों में भी थी ताक़त लिखीं कविताएँ उन्होंने ओजस्वी उनके व्यक्तित्व में थी सदाक़त प्रधानमंत्री भारत के दसवें थे वो फिर भी जीवन रहा सदैव सादा ऐसे थे अटल बिहारी वाजपेयी अटल था उनका हर एक इरादा मनीषा कुमारी आर्जवाम्बिका अररिया(बिहार) Post Views: 67

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।