गुरु पूर्णिमा पर कुछ दोहे

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गुरु बिन न बुद्धि मिले,गुरु बिन न होए ज्ञान।
गुरु बिन न पथ मिले,गुरु बिन न मिटे अज्ञान।।

गुरु तीनों देव है,इससे बड़ा जग में न कोय।
जो इसकी शरण मेंजाए,उसका हित
होय।।

मां सबसे पहली गुरु है,जो सिखाती सब ज्ञान।
उसकी पहले वंदना करो,जो रखे तुम्हारा ध्यान।।

गुरु की महिमा सबसे बड़ी, जो है अम्प्रम पार।
इसकी महिमा समझ गया,उसकी नैया पार।।

गुरु का दर्जा सबसे बड़ा,इससे बड़ा न है कोय।
भगवान भी न इनसे बड़े, जो जग के पालन होय।।

गुरु चरण स्पर्श से,सबको मिलते है आशीष।
शिष्य जितना भी दुष्ट हो,देते नहीं
गुरु दुशिष।।

नानक जी भी एक गुरु थे,जिसने चलाया सिक्ख पंत।
उनके कारण ही चला आ रहा ,आज भी उनका पंत।।

गुरुओं की अनेकों मिशाल है, जिन्होंने दिया सबको ज्ञान।
द्रोणाचार्य विश्वामित्र उनमें एक है जिनसे भारत बना महान।।

गुरु के समतुल्य है नहीं,इस जगत में है कोय।
गुरु से भी नहीं बड़ा,भगवान के गुरु भी होय।।

प्रकृति भी एक गुरु है,जो देती सबको सीख।
कोरोना काल में दे रही है,सबको बड़ी ये सीख।।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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matruadmin

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।