मातृभाषा उन्नयन संस्थान की साधारण सभा आयोजित

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डॉ जैन को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित

इंदौर। हिंदी प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान की वार्षिक साधारण सभा रविवार को दोपहर चार बजे डिजिटल रूप से आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने की।
शारदे वंदना से आरंभ साधारण सभा का संचालन संस्थान के सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने किया। अध्यक्षीय उदबोधन में डॉ जैन ने विगत वित्तीय वर्ष में संस्थान की उपलब्धियाँ, कार्य कलाप आदि प्रस्तुत किए। इसके बाद राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 का आय-व्यय का ब्यौरा पटल पर प्रस्तुत किया। संस्थान के संवैधानिक नियमानुसार डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने अपने पद से त्यागपत्र पटल पर दिया, किन्तु सदस्यों ने असहमति व्यक्त करते हुए पुनः तीन वर्षों के लिए डॉ जैन को ही ध्वनिमत से संस्थान का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना।
कोविड काल में संस्थान द्वारा जारी गतिविधियों एवं कार्यकलापों पर सभी सदस्यों ने संतोष जताते हुए प्रतिबद्धता से कार्य करने का वादा किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी ने सदस्यता स्वीकार्यता संबंधित प्रस्ताव रखा जिसे सभी सदस्यों ने स्वीकार किया। इसके साथ संस्थान का अपना संगणक दल तैयार करने, एक युद्ध अवसाद के विरुद्ध जारी रखने, हिंदी योद्धाओं के निर्माण, ग्रंथालय निर्माण, वेबीनार आयोजित करवाने एवं न्यायालय में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने संबंधित याचिका लगाने आदि विषयों पर भी सदस्यों ने सहमति व्यक्त करते हुए स्वीकृति प्रदान की। उक्त साधारण सभा में संस्थान के अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन, उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, सचिव गणतंत्र ओजस्वी, कोषाध्यक्ष शिखा जैन कार्यकारिणी सदस्य मुकेश मोलवा, भावना शर्मा, नितेश गुप्ता आदि उपस्थित रहें। अंत में आभार नितेश गुप्ता ने व्यक्त किया।

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।