मेरा भारत

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कलियाँ खिलेंगी मधुबन में
फिर मुरझा जाएँगी,
भेदभाव के दुर्भाव से
गर्भ में सहमी बच्ची
फिर मार दी जाएगी,
भारत रो रहा है देश सो रहा है
ऐसी दशा होगी सोचा न था..

सदियों से पूजित नारी
पति से दुत्कारी जाएगी,
ऋषि-मुनियों की धरती पर
भी उनकी जान जाएगी,
भारत रो रहा है देश सो रहा है
ऐसी दशा होगी सोचा ना था..

नहीं है मानवता किसी में
अब जंगली मानव द्वारा
निर्दोष गज माँ की जान जाएगी
भारत रो रहा है देश सो रहा
ऐसी दशा होगी सोचा न था..

जा उठाओ देश के सपूतों
बनो वीर राणा शिवा जी या राम
मिटा दो धरा से व्याभिचार अत्याचार
खिलेंगी कलियाँ धरती मुस्कुराएगी
मिसाल देश भारत, दुनिया मान जाएगी
भारत रो रहा है देश सो रहा है
ऐसी दशा होगी सोचा ना था..

सुमन श्रीवास्तव, बाराबांकी

परिचय

नाम – सुमन श्रीवास्तव

पति – विनोद श्रीवास्तव

जन्म – 8 अक्टूबर

शिक्षा – स्नातकोत्तर(हिन्दी), बी.एड।

कार्य क्षेत्र – लेखन, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं टीवी आदि पर (एनजी ओ) सुमन फाउंडेशन सम्मान..ढेर सारे प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर।

पता – नेहरू नगर बाराबंकी,
उत्तर प्रदेश

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।