माँ

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ममता की खान है माँ, गीत, सुर, तान है माँ,
असंख्य दुआओं वाली, आन,बान, शान है ।
माँ का शुभ आँचल तो, शीश पे आशीष सम,
संकटों से है बचाती, सुदृढ़ वितान है ।।
जन्म देने वाली माता, सर्व प्रथम है गुरु ,
पाठशाला भी प्रथम,भरती माँ ज्ञान है ।
रामायण, भागवत, गीता औ कुरान है माँ,
धर्म, कर्म सिखलाती, मांगलिक गान है।।

सुपथ पर चलना, सिखलाती पल-पल,
बुरे कर्म करने से, करे सावधान है ।
स्नेह, दया, करुणा की, प्रतिमूर्ति देवी है माँ,
धरती पे ईश्वर की, माँ ही पहचान है ।
एक किलकारी पर, बिसराती सारे कष्ट,
ममता की गोद “मृदु”, छोटा आसमान है ।
करती दुआएं सदा, खुशियाँ असीम मिलें,
माँ के बिना घर नहीं, लगता श्मशान है ।।

सारे तीर्थधाम माँ के, भीतर समाये हुए,
माँ के चरणों में, सारे देवता विराजते ।
प्रेम, करुणा, दया की, सागर विशाल है माँ,
ममता की गागर में , सद्गुण विराजते।।
ईश्वर का वरदान, धरती पे माँ जो मिली,
धड़कनें दे दीं हमें, गोद में विराजते ।
धरा से विशाल है माँ, हिमालय से भी ऊँची,
माँ में शक्ति, पराक्रम, अद्भुत विराजते ।।

मातृदिवस की शुभ कामनाओं के साथ

डॉ. मृदुला शुक्ला “मृदु”
लखीमपुर-खीरी(उ0प्र0)

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Sun May 10 , 2020
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।