28 को पालघर हुतात्माओं को राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि व राष्ट्रपति से न्याय की मांग: विहिप

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    नई दिल्ली।
पालघर में पूज्य संतों व उनके चालक की नृशंस सामूहिक हत्या से क्षुब्द विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने 28 अप्रेल को देश व्यापी कार्यक्रमों की घोषणा की है. इस दिन आद्य शंकराचार्य जी, संत सूरदास जी तथा श्री रामानुजाचार्य जी की पावन जयंती है। विहिप के केन्द्रीय महामंत्री श्री मिलिन्द परांडे ने हिन्दू समाज से आह्वान किया है कि वे इस दिन (मंगलवार) को अपने अपने घरों में ही रह कर पारिवारिक सत्संग कर पालघर की अमर हुतात्माओं के लिए एक दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दें तथा एक समय का उपवास रख महाराष्ट्र सरकार को सद्बुद्धि हेतु प्रार्थना करें. इसके अतिरिक्त विहिप पदाधिकारी सभी राज्यों की राजधानीयों में राज्यपालों को तथा जिला स्तर पर जिलाधीशों को महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित करते हुए एक ज्ञापन भी देंगे जिसमें उस वीभत्स घटना की उच्चस्तरीय जाँचकर हत्यारों एवं षड्यंत्रकारियों को कड़ी से कड़ी सजा की माँग होगी।

      श्री परांडे ने कहा कि भारत एक धर्म प्राण देश है. इसमें जन्मी सभी धर्म-धाराओं (सनातनी, जैन, बौद्ध, सिख इत्यादि) के पूज्य संतों व मानविन्दुओं पर होते हमलों से सम्पूर्ण भारत आहत है. अत: सभी से निवेदन है कि ये कार्यक्रम देश के प्रत्येक घर में, हर-एक मठ-मन्दिर-गुरूद्वारे में, सभी धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा तथा सभी पूज्य संतों के आश्रमों में हों.

      उन्होंने कहा कि हर मंगलवार को बजरंग दल कार्यकर्ता देश भर में साप्ताहिक मिलन केंद्र चलाते हैं. विहिप के कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी इस दिन बड़े पैमाने पर पारिवारिक सत्संग होते ही हैं. साथ ही, मठ-मंदिरों व आश्रमों में भी पूज्य संतों, महंतों, अर्चक, पुरोहितों व असंख्य सत्संग मंडलियों द्वारा मंगलवार के सत्संग होते हैं. इन सभी सत्संगों में पालघर हुतात्मा पूज्य महंत श्री कल्पवृक्षगिरी जी महाराज, पूज्य संत श्री सुशील गिरी जी महाराज तथा उनके चालक श्री निलेश तेलगडे को एक दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी जाए। 

      विहिप महामंत्री ने हिन्दू समाज के सभी घटकों से यह आह्वान भी किया कि वे सभी बंधू-भगिनी इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की जानकारी अपने निवेदन के साथ अपने कम से कम 5 मित्र-परिचित-पडौसी व रिश्तेदार परिवारों को भी फोन या सोशियल मीडिया के माध्यम से दें जिससे भारत के महान संतों की इस जयंती पर अमर हुतात्माओं को श्रद्धांजलि, राज्य सरकार को सद्बुद्धि तथा शीघ्र न्याय की प्रार्थना में वे भी सह-भागी हो सकें.

जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता,

विश्व हिंदू परिषद

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।