पति पत्नि क सम्बन्ध

Read Time0Seconds

पति पत्नि के आपसी सम्बन्ध ,
बिगड़ते रहते सुधरते रहते |
कभी तरेसठ का आंकड़ा ,
कभी छत्तीस का आंकड़ा हो जाते ||

इनके बीच में कभी मत बोलो ,
अपनी जीभ कभी मत खोलो |
ये दिन में लड़ते झगड़ते रहते ,
रात में दोनों फिर एक हो जाते ||

ये आपस में किल किल करते,
एक दूजे पर आरोप लगाते |
जब आपस में रूठ है जाते ,
एक दूजे को ये ही मनाते ||

पूरे जीवन यह खेल चलता रहता ,
एक दूजे को अपनी धोस दिखाते |
पत्नि मायके जाने की धोस दिखाती
पर कभी पति को छोड़ कर न जाती ||

मै तुमसे शादी करके पछताई ,
ऐसा पति किसे मिले न भाई |
जो अपनी धोस जमाता रहता ,
अपने काम भी करवाता रहता ||

पति पत्नि चक्की के दो पाट,
एक दूजे की करते है वे बाट |
जीवन में निरतंर चलते रहते ,
एक दूजे के बिन वे नहीं रहते ||

पति जब अपनी सुसराल में जाता ,
अपनी आव भगत करवा के आता |
साली को प्रेम से वह सदा बूलाता ,
फिर भी सुसराल को बुरा बताता ||

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

1 0

matruadmin

Next Post

देवत्व

Sat Apr 18 , 2020
काम वासना और अहंकार ने रावण को विवेकहीन बना डाला जिस नारी को जगत ने पूजा उसी का अपहरण कर डाला सारी विद्वता और सारा महाबल चलने से अधर्म मार्ग स्वाहा हो गए सोने की लंका का राजा रावण धर्ममार्गी श्रीराम से परास्त हो गए काम विकारों ने सदा मनुष्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।