कहर बना करोना

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पूरे विश्व की रफ्तार,रूक गयी देखो
एक वायरस के आगे,जीवन लाचार देखो।।

विज्ञान ही सबकुछ है, आकर यहाँ देखो
आज वेवसी में पडा,कितना लाचार देखो।।

मत फैलने दो इसे संयम, अपनाकर तो देखो
जिस पर वस नही,उसे फैलने से रोको।।

चंद दिनों की बात,मौत के आगोश में समाज
चलना होगा संभलकर ही, जब यही है इलाज।।

संकट की इस घडी में,मानव समर्थन साथ
एक ही तो विकल्प,सहारा हौसला साथ।।

मानव के शोधो का,यह कुरूप रूप
कोरोना बनकर है उभरा,बदला विश्व स्वरूप।।

चित्कार कर रहे लोग,सिसक रही जिन्दगानी
अकारण शिकार होते लोग,कहते करोना की कहानी।।

निर्दय चीन का कसूर,पूरा विश्व रोगी
खाये कीडे मकौडे भी,बन रहा योगी।।

पहले निपट लूँ रोगियो से,फिर लगेगी तेरी बोली
जीतने भी भोग रहे,हिसाब लेना जरूरी।

आविष्कार यह नहीं सिखाता,जैविक कीटाणु बनाओ
पर्दा न उठ जाए तेरा,इसलिए दुनिया से छिपाओ।।

“आशुतोष”

नाम। – आशुतोष कुमार
साहित्यक उपनाम – आशुतोष
पटना ( बिहार)
कार्यक्षेत्र – जाॅब
शिक्षा – ऑनर्स अर्थशास्त्र
प्रकाशन – नगण्य
सम्मान। – नगण्य
अन्य उलब्धि – कभ्प्यूटर आपरेटर
टीवी टेक्नीशियन
लेखन का उद्द्श्य – सामाजिक जागृति

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।