कोरोना महासंकट को परास्त करने हेतु संतों का आह्वान

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                            नई दिल्ली। मार्च 27, 2020 . हमारा देश कोरोना नामक घातक बीमारी का सामना कर रहा है। विश्व के कई देशों में इस महामारी के फैलने के दुष्परिणाम देखे जा चुके हैं। भारत सरकार एवं सभी राज्य सरकारें इसको परास्त करने के लिए समयोचित आवश्यक कार्यवाई कर रही हैं। सौभाग्य से सम्पूर्ण देश एकजुट होकर प्रशासन का पूर्ण सहयोग कर रहा है। विश्व हिन्दू परिषद् सहित अनेक संस्थाएं भी संकट के इस काल में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

        भारत आध्यात्मिक देश है। ऐसे संकटों का सामना करने में दैवीय शक्तियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं। अतः हम सम्पूर्ण देश से अपील करते हैं कि इस कठिन काल में वे अपनी दैवीय शक्तियों का आह्वान करें। केवल आधे घंटे के लिए प्रत्येक परिवार सामूहिक रूप से अपने-अपने ईष्ट देव का स्मरण करे व अन्त में एक माला ‘विजय महामंत्र’ (श्रीराम जय राम जय जय राम) का जाप करे। हमारा दृढ़ विश्वास है कि अपनी परा-अपरा शक्तियों के योग से इस महा-संग्राम में हम अवश्य विजयी होंगे।

                                                          भवदीय

(युगपुरुष परमानन्द जी महाराज) (महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज)

अखण्ड परमधाम, हरिद्वार मणिरामदास छावनी, अयोध्या

सदस्य-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

(एडवोकेट आलोक कुमार) (न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे)

कार्याध्यक्ष-विश्व हिन्दू परिषद अध्यक्ष-विश्व हिन्दू परिषद

जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।