सीएए के विरोध के नाम पर हिंसा का नंगा नाच अक्षम्य अपराध, कार्यवाही हो : मिलिंद परांडे

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नई दिल्ली जनवरी 24, 2020। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव श्री मिलिंद परांडे ने आज कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में किए जा रहे कथित प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा का जो नंगा नाच देश भर में किया जा रहा है, वह अब असहनीय बनता जा रहा है। इन प्रदर्शनों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा है कि जहां एक ओर झारखंड के लोहरदगा जैसे क्षेत्रों में हिन्दुओं पर सरेआम प्राणघातक हमले हो रहे हैं वहीँ, राजधानी दिल्ली भी हिंसा से अछूती नहीं रही। इन कथित प्रदर्शनों के चलते दिल्ली में जगह-जगह लाखों लोगो द्वारा दैनिक प्रयोग के महत्वपूर्ण मार्गों व पार्कों पर अनाधिकृत न सिर्फ कब्जे हो रहे हैं वल्कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में गैर-मुसलमानों/हिन्दुओं का जीना भी दूभर हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कानून का किसी भी भारतीय समुदाय की नागरिकता से कोई लेना-देना है ही नहीं, उसके नाम पर, कांग्रेस सहित कुछ अन्य अल्पसंख्यक तुष्टीकरण करने वाले राजनैतिक दल तथा भारत विरोधी शक्तियां जनता को भ्रमित करने का एक खरतनाक खेल खेल रहे हैं जिसे अबिलम्ब रोक कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करना नितांत आवश्यक है।

झारखंड के लोहरदगा कस्वे में, कल सुबह, पाकिस्तान, बंग्लादेश व अफगानिस्तान में, इस्लामिक जिहादियों के धार्मिक उत्पीडन के शिकार हिन्दुओं, जिनमें अधिकांशतया एससी/एसटी समुदाय के महिला पुरुष व बच्चे सामिल हैं, के मानवाधिकारों की रक्षार्थ हिन्दू समाज द्वारा निकाली गई शान्ति पूर्ण रैली पर सैंकड़ों जिहादियों के जान-लेवा हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही, जिहादी मानसिकता कितनी शीघ्रता से हिन्दुओं पर हमलावर हो जाती है। झारखंड में ही पत्थलगढ़ी का विरोध करने पर वनवासी समाज के लोगों की निर्मम हत्याओं पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह कांग्रेसी गठबंधन की सरकार की हिन्दुओं के प्रति खतरनाक उदासीनता का ही परिणाम है। झारखंड की कांग्रेस पोषित हेमंत शोरेन सरकार को कड़ी चेतावनी भरे लहजे में विहिप महा सचिव ने कहा कि सरकार हमलावरों को अबिलम्ब गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दे तथा पीड़ित हिन्दुओं की सुरक्षा, चिकित्सा व जान-माल की हानि की भरपाई हेतु उचित व्यवस्था करे।

दिल्ली के शाहीन बाग़ व खुरेजी का जिक्र करते हुए श्री परांडे ने कहा कि एक ओर शाहीन बाग़ में गत सवा माह से उत्तर-प्रदेश से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के आवागमन को अवैध रूप से रोक कर वहां हिंदू-द्रोही व देश विरोधी नारे लगा कर लोगों को भड़काया जा रहा है तो खुरेजी के विवेकानंद आश्रम पर पथराव के साथ उसके पास वाले डीडीए पार्क की सरकारी भूमि में गुपचुप तरीके से मस्जिद निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें भी अविलम्ब रोका जाना अत्यंत आवश्यक है।

जारी कर्ता :

विनोद बंसल

(राष्ट्रीय प्रवक्ता)

विश्व हिन्दू परिषद,

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।