पर्यावरण संकट : इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती

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ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग में झुलसकर करीब 50 करोड़ निरीह जानवरों की मौत हो चुकी है… इनमें स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं…इनकी कितनी ही प्रजातियां अब समाप्त हो जाएंगी…तस्वीरें दिल को दहला देती हैं… दर्जनों लोग भी मारे गए हैं…कुआला की करीब आधी आबादी इस अग्निकांड की भेंट चढ़ चुकी है…जैव विविधता से भरा पृथ्वी का एक हराभरा भाग तबाह हो गया है…इस पर्यावरणीय आपदा की वजह से ऑस्ट्रेलिया में तापमान भी काफी बढ़ गया है…

यह घटना इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी और सबसे बड़ी चुनौती है…किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए…अगर हम अपने जंगलों, पेड़ों और पशु पंछियों को नहीं बचा पाए तो यह पृथ्वी बहुत जल्द इंसानों के रहने लायक जगह भी नहीं रह जायेगी…

यह आग कुछ दिन या कुछ समय बाद बुझ भी जाय तो भी कुछ जलते हुए सवाल हमारे सामने छोड़ जाएगी…

अगर आप सुन सकते हैं तो सुनिये इन सवालों को…सुनिये उन करोड़ों जीवात्माओं और वृक्षों के उस दारुण चीत्कार को…

पर्यावरण संकट से अब कोई अछूता नहीं है…इसे बचाने के लिए हम सब को… पूरी दुनिया को मिलकर पहल करना ही होगा…

#डा. स्वयंभू शलभ

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कर्तव्य

Tue Jan 7 , 2020
दीये का काम है जलना। हवा का काम है चलना। जो दोनों रुठ जाएंगे। तो मिट जाएगी ये दुनिंया।। गुरु का काम है शिक्षा देना। शिष्य का काम शिक्षा लेना। जो दोनों भटक जाएंगे। तो दुनियाँ निरक्षक हो जायेगी।। पुत्र का काम है सेवा करना। मातपिता का काम है पालन […]

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।