अमिताभ है दोहरे किरदार निभाने में भी बिग बी

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दोस्तो हमशक़्ल होना दुनिया के अजूबो में शुमार होता है कि एक जैसी शक्ल के दो इंसान हो,
यह उनवान(विषय)बेहद दिलचस्प (रोचक)होने के साथ परिस्थिति जन्य हास्य(सिचुएशल)कॉमेडी बनाने का शानदार मसाला हो जाता है,
सिनेमा ने इस विषय की रोचकता को समझते हुवे अपने अविकसित काल से ही इस विषय को परोसना और भुनाना शुरू कर दिया था,
फिल्मो में दोहरे किरदार को प्रस्तुत करना न तो भारतीय परिपेक्ष में नया है और न ही असाधारण, वरन इस कंटेंट की रोचकता अभूतपूर्व रही है, परन्तु यह विषय सफलता की ग्यारंटी भी नही रहा है,
देश मे सभी भाषाओं में तकरीबन 300 से ज्यादा फिल्मे दोहरे किरदार वाली बनी है,,
पहले कम्प्यूटर जनित ग्राफिक्स उन्नत किस्म के नही थे तो फ़िल्म को जिन दृश्यों में दोनों किरदार एक ही शक्ल के होते थे उन्हें दोनो को अलग अलग शूट किया जाकर सम्पादक की मेज पर जाकर दृश्यों को एक किया जाता था
परन्तु अब तो कम्प्यूटर जनित ग्राफिक्स उन्नत के साथ परिष्कृत हो चले है
की अब यदि दोहरे किरदार वाले दृश्यों में दोनो किरदार को गले लगना हो तो, हो सकता हैं
यह कमाल कम्प्यूटरतकनीक से मिला है सिनेमा को,
मेरे लेख का विषय दोहरे किरदार वाली फिल्में ही थी लेकिन बॉलीवुड सिनेमा की फेहरिस्त 100 फिल्मो से ऊपर निकल गई, और दीगर भाषाओँ की मिलाकर यह फिल्मे 300 का आंकड़ा पार करती है परन्तु इस खोज के शोध में अमिताभ बच्चन की दोहरी भूमिका निभाने में 12 से ज्यादा फिल्मे निकली तो मैंने लेख को सीमित करने का फैसला लिया
और बिग बी पर केंद्रित कर दिया,,
अमित जी का 45 साला फिल्मी सफर में
14 फिल्मे की है जिसने उन्होंने दोहरे किरदार निभाए है यह भी अपने आप मे एक रिकॉर्ड है,बिग बी के बाद यह नम्बर धर्मेद्र का आता है जिन्होंने 14 दोहरे किरदार निभाए है,
बिगबी की फिल्मो की फेहरिस्त पर एक नज़र डाल लेते हैं,
बंधे हाथ- 1973
एक चोर श्यामू, अपने हमशक़्ल मरणासन्न की पहचान अपनाता है, परन्तु एक पोलिस अधिकारी जांच करते करते सच तक पहुच जाता है, एक फ्लॉप फ़िल्म साबित हुई थी
निर्देशक थे ओ पी गोयल
अदालत- 1977
एक ग्रामीण धर्मा शहर आता है, परन्तु परिस्तिथिया उग्र रूप धारण कर लेती है जब पोलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है,, धर्मा अंडर वर्ल्ड डॉन बन जाता है उसका बेटा जो कि हमशक़्ल है धर्मा उसे अपने काम से दूर रखना चाहता है, फ़िल्म हिट साबित हूई थी
निर्देशन नरेंद्र बेदी
डॉन-
अंडर वर्ल्ड डॉन की मौत को छिपा कर उसकी जगह एक हमशक़्ल तमाशा करने वाले को भेजा जाता है, ताकि डॉन के बाकी साथियों को भी जैल भेजा जा सके, ट्विस्ट और टर्न्स से भरपूर फ़िल्म सुपर हिट साबित हुई थी
कसमे वादे-1978
अमित अपने भाई राजू के साथ रहता है, गैंगस्टर उसको धमकी देता है, वह राजू की मदद करता है पर एक ठग द्वारा मार दिया जाता है,हालात मोड़ लेते है जब राजू, अमित के हमशक़्ल से मिलता है, निर्देशक रमेश बहल थे फ़िल्म औसत से नीचे रही थी,
द ग्रेट गैम्बलर-1979
एक जुआरी जो कि विलेन के लिए काम करता है, उसे देश के गुप्त दस्तावेज हासिल करने का काम सौपा जाता है, इसे पकड़ने के लिए एक पोलिस ऑफिसर भेजा जाता है जो इसी का हमशक़्ल है, फ़िल्म सेमि हिट साबित हुई थी, निर्देशक थे शक्ति सामन्थ,
फ़िल्म औसत साबित हुई थी,
सत्ते पे सत्ता-1982,
सेवन ब्राइडल्स पर आधारित फिल्म मे सात भाइयो की कहानी जो हास्य से भरपूर थी,
सबसे बड़े भाई रवि का एक हमशक़्ल बाबू आ जाता है, फ़िल्म औसत हिट रही थी, बॉलीवुड के गलियारों में इसकी रीमेक की चर्चा भी जोरो पर चल रही है,
देश प्रेमी- 1982,
पिता-पुत्र हमशक़्ल ,,, पिता आदर्शवादी बेटा अपराधी दोनो भूमिकाए बिग बी ने निभाई थी, मन्नू देसाई का निर्देशन, फ़िल्म हिट साबित हुई थी,
महान-1983
एक वकील झूठे आरोप से बचने के लिए छिप जाता है, उसकी पत्नी जुड़वा बच्चों को जन्म देती है, इस फ़िल्म में बिगबी ने तिहरा किरदार निभाया था, पिता, पुत्र पुत्र जुड़वा पुत्र भी पिता के हमशक़्ल
एस रामानाथन निर्देशन में फ़िल्म औसत हिट रही थी
बेमिसाल-1982
ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में एक बेहद संजीदा विषय पर फ़िल्म बनी थी, दो हमशक़्ल भाइयो की कहानी, परन्तु जनता ने फ़िल्म को नकार दिया था, एक भाई पागल हो जाता है दूसरा भाई बदला लेता है,,
आखरी रास्ता- 1986
के भाग्यराज के निर्देशन में बनी फिल्म
पिता पुत्र हमशक़्ल
पिता अपने पत्नी के कातिलो से बदला लेना चाहता है, पुत्र पोलिस में होने के नाते उन्हें बचाता है
फ़िल्म सुपर हिट साबित हुई थी,
तूफान-1989
दो हमशक़्ल भाइयों के बिछड़ने और पिता की मौत का बदला लेने की कहानी थी
केतन देसाई के निर्देशन में फ़िल्म फ्लॉप रही थी,
छोटे मिया बड़े मिया-1998
दोहरे जुड़वा किरदार एक बिगबी दूसरा गोविंदा ने निभाया
एक पोलिस अधिकारी दूसरा ठग
फ़िल्म औसत सिद्ध हुई डेविड धवन निर्देशित,
लाल बादशाह-1999
के सी बोकाड़िया निर्देशित फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी,,
बिगबी ने दोहरी भूमिका निभाई थी
सूर्यवंशम-1999
दादा ठाकुर का पुत्र उनकी उम्मीदों पर खरा नही उतरता तो नोकरो की तरह व्यवहार होने लगता है, परन्तु हीरा अंत मे अपने पिता की उम्मीदों पर खरा उतरता है
पिता पुत्र दोनो किरदार बिगबी ने निभाए थे,

बिगबी के बाद धर्मेंद्र ने 14 फिल्मो में दोहरे किरदार निभाए है,,,,

संकलकर्ता
इदरीस खत्री,

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।