योग जीवन का अंग

Read Time0Seconds
manoj pant
स्वस्थ शरीर की अगर चाह है,
योग ही सबसे सरल राह है।
जीवन रोगों से मुक्त करो,
प्रतिदिन उठकर योग करो।
बहुरंगों के जीवन को तुम,
और सजाने का यत्न करो।
निश्चित ही जीवन निखरेगा,
थोड़ा थोड़ा प्रयत्न करो।
रोगों के अंधियारे को तुम,
योग दीप से दूर करो।
अब दवा की बैसाखी छोड़ो,
योग से अपना नाता जोड़ो।
निर्मल सबकी  काया होगी,
आलसता से नाता तोड़ो ।
ऋषियों के बरदान को अब,
हम जीवन का अंग बनाये ।
आओ फिर हम सब मिलकर,
प्रतिदिन योग दिवस मनायें।
#मनोज पन्त

रिखणीखाल(उत्तराखंड)

1 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

हुंकार नही

Fri Jun 21 , 2019
अपने मतलब की है,सबके हित की सरकार नही मुर्दो मे गिने जावोगे अगर भरी तुमने हुंकार नही। हालात को देख समझ के दुनियादारी सीख लो मांगने से भीख ही मिलती है,हक अधिकार नही। अपनी लडाई खुद लडनी है इतना तुम जान लो मदद को तुम्हारे आयेगा अब कोई अवतार नही। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।