होली आयी

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होली आयी,होली आयी
रंग बिरंगी टोली आयी।
सबके चेहरे रंग बिरंगे,
बच्चो की टोली है आयी।।

झूमे पिंकी और नाचे पप्पू
पिचकारी संग धूम मचाई।
होली आयी,होली आयी
मस्तानो की टोली आयी।।

इसके दादा , उसके मामा
कोई रंगों से ना बचने पाए।
बच्चो के रंग बिरंगे गुब्बारों
से कोई भी ना बचने पाए।।

छोटे – छोटे बच्चो ने सबको
दिखाया है,प्यारी रंग बिरंगी
होली हर मजहब को फिर
से साथ – साथ मे लाया है।

ना कोई हिन्दू , ना को मुस्लिम
हर भारतवासी एक रंग में
रंगा है , उनके मुस्कुराते चेहरों
पर बस एकजुट भारत दिखा है।

नीरज त्यागी
ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश ).

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matruadmin

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होली

Tue Mar 10 , 2020
आओ विकारों की जलाये होली खूब जमकर मनाये हम होली नई फसल आने का यह पर्व है पर हमें ओलावृष्टि का गम है फसलों की क्षतिपूर्ति कब मिलेगी किसानों की होली कब मनेगी बुआ होलिका जल भी जाओ भक्त प्रहलाद को अब न सताओ अंहकार को मरना ही हो होगा […]

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।