अभिमान

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avinash tiwari
नारी दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती अवतार है,
नारी जग जननी ममता और प्यार है।
नारी मां बन पोषण करती
     संस्कार को देती है
प्रथम गुरु बन शिशु  को
आकार नया वह देती है।
बहन बनकर नारी
        भाल पर तिलक लगती है,
भैया के हर दुख में
       ढाल बहन बन जाती है।।
पत्नी बनकर नारी
जीवन सम्पूर्ण करती है
जीवन संगनी साथ मे चलकर
सपने पूरे करती है।
नारी कल्पना मैरी साइना
गीता इंदिरा बन जाती है,
शक्ति की अवतार है नारी
नव युग की आगाज हो जाती है।
सीता सावित्री अनुसुइया जैसी ममता की सूरत है,
दुर्गावती लक्ष्मीबाई वीरता की मूरत है।
नारी तुम आगे बढ़ आओ
महिषासुर  संहारक हो,
शस्त्रों का सन्धान करो
नवयुग की तुम वाहक हो।
तुमसे जगत की सृष्टि है
   अपना अधिकार तुम जानो
गर्वित हो तुम जगजननी
 मान तुम्हारी पहचानो।
#अविनाश तिवारी
जांजगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़)
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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।