नमन वीर शहीदो को

Read Time0Seconds
vindhya prakash
नमन उन वीर शहीदो को,
अमर हुई निशानी है।
देह देकर भारत माता को,
अमर हो गयी कहानी है।
धन्य हुई मां जनकर जिसको
दूध जिसका बलिदानी है।
देगे मुहतोड जबाब
कसम ये हिन्दुस्तानी है।
पत्नी , बेटी परिवारी जन
दुखित है आंखो मे पानी है।
कहते वीर न हो परेशानी
दुश्मन मिटाने को मैने ठानी है।
जान चुके पहचान चुके है
ये हरकत पाकिस्तानी है।
भूख प्यास से दुश्मन मरेगा
बंद कर दिया दाना पानी है।
नक्शे से मिट जाएगा पाक
सब भारतीयो ने ठानी है।
अपने भी सांप पले बैठे जो,
उनसे ही परेशानी है।
कुचल देगे फन अहि आस्तीन के
शपथ रही हिन्दुस्तानी है।
वीर की गाथा अमर रहेगी,
अमर इनकी निशानी है।
कायर बुजदिल छिप कहा गये
निकल बिलो से हरकत तेरी शैतानी है।
मसल देगे मृत्तिका वृत्त सा,
भारतीयो ने अब ठानी है।
#विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र
प्रतापगढ (उत्तरप्रदेश)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

'हिंदी, हिंदू और हिंदुत्व की विचारधारा देश (भारत) को बाँट रही है।'- शशि थरूर

Mon Feb 18 , 2019
हाल ही में अमेरिका में पी.एच.डी. कर रहे एक तमिल छात्र अब्राहम सैमुअल को हिन्दी न बोल पाने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर रोक दिया गया था। उसने प्रधान मंत्री, मंत्रियों और राजनेताओं को ट्वीट किया, जिनमें शशि थरूर भी थे। इसी की प्रतिक्रिया में कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।