सबका मान नहीं है

Read Time0Seconds

krishn

जग में सब का मान नहीं है,
हीरों की अब खान नहीं है।।

पहले सा अब  काम नहीं है,
इतनी भी पहचान  नहीं है।।

अपने ही रखते हैं  खंजर,
जीना अब आसान नहीं है।।

खूब मिलावट करते हैं क्यों?
अब अच्छा सामान नहीं है।।

जिसको हमने मान दिया था,
करता वह सम्मान नहीं है ।।

रोज  यहाँ  बीमारी  होती,
पहले सा जल-पान नहीं है।।

जो करता है दगा सभी से,
देखो  वह  इंसान नहीं है।।

भ्रम की इस दुनिया में हमको,
असली की पहचान नहीं है।।

झूठ बोलता हर मानव अब,
सच की रही जबान नहीं हैं ।।

झूठ मिले हर चौराहे पर
सच की कोई दुकान नहीं है।।

कलयुग में भगवान भी बिकते
राम भगत हनुमान नहीं  है।।

कलियुग में लगता  है ऐसा,
राम नहीं, रहमान नहीं  है।।

“राज” देश का किसको सौंपे,
लायक कोई  प्रधान नहीं है।।

#कवि कृष्ण कुमार सैनी “राज”

दौसा,राजस्थान 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

यह जो नया शहर बसा है यहाँ

Sun Feb 17 , 2019
यह जो नया शहर बसा है यहाँ कहीं कोई गाँव तो उजड़ा होगा ज़मीं बेआबरू होकर बंजर हुई टिड्डों का काफिला गुज़रा होगा शेख साहब महफ़िल में आ बैठे अब दुआओं में भी मुजरा होगा यहाँ हवाएँ बहुत शान्त लगती हैं पास जरूर दर्द का हुजरा* होगा दो लोग बैठे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।