प्यारी हिन्दी

garima sinh
हिन्दी दिवस विशेष……..
सबसे सरल सहज है हिन्दी
सबसे पावन निर्मल हिन्दी
शब्द अलौकिक अर्थ अनेक
विषय विश्व का है बस एक
जिसपर गर्व हमें है रहता
हिन्दी हैं हम, मन है कहता
हिन्दी मन की अभिलाषा है
हिन्दी जीवन की आशा है
अद्भुत, अद्वितीय ,अनुपम हिन्दी
भाषा का श्रृंगार है हिन्दी
बोल चाल में सरल है हिन्दी
भाषा का आधार है हिन्दी
हिन्दी गुण साहित्य समाहित
हिन्दी से है जन, जन का हित
हिन्दी सुमधुर हिन्दी कोमल
हिन्दी  से जीवन है उज्वल
हिन्दी शीतल पवन समान
हिन्दी है  सबका अभिमान
हिन्दी देश का मान बढ़ाती
भाषा का सम्मान बढ़ाती
हिन्दी चिड़ियों के कलरव में
हिन्दी सागर के  लहरों में
हिन्दी हिंद की रग ,रग में है
हिन्दी है सम्पूर्ण विश्व में
 भारत की पहली पहचान
हमें नाज है हम हिन्दी हैं
हिन्दी से बढ़ता है ज्ञान
हिन्द देश की प्यारी हिन्दी
मन करता है तुझे प्रणाम
#गरिमा सिंह
परिचय- 
नाम-  गरिमा अनिरुद्ध सिंह
साहित्यिक उपनाम-मधुरिमा
राज्य-गुजरात
शहर-सूरत
शिक्षा- एम ए प्राचीन इतिहास
कार्यक्षेत्र-शिक्षण
विधा – हास्य ,वीर रस ,शृंगार

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चेहरा तेरा

Tue Sep 11 , 2018
बहुत छोटा सा मसला है मगर क्यों हल नहीं होता निगाहों से मेरी चेहरा तेरा ओझल नहीं होता ============================== दीवाने तो मिलेंगे बहुत तुमको पर समझ लेना हरेक लकड़ी का टुकड़ा जानेमन संदल नहीं होता ============================== भरी होकर भी बिल्कुल ही मुझे वीरान लगती है जिस महफिल में तू मेरे […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।