आज जंगल मे है हंगामा

Read Time0Seconds
niraj tyagi
आ गए है भालू मामा।
आज ये खूब करेंगे हंगामा।
बिल्ली मौसी भी है आई।
भालू के संग चल रही है उसकी लड़ाई।
कैसे साथ मे अब नाचेंगे ये मिलकर।
क्योंकि आज लोमड़- लोमड़ी की हैं शादी।
आज लोमड़ भी नाचेगा होकर मस्त।
काफी दिनों बाद उसे लोमड़ी मिली है मस्त।
सारा जंगल खुशियो से झूम रहा है।
शेर राजा आने की भी है तैयारी।
लोमड़ से है राजा की बहुत यारी।
छोटे बड़े सारे जानवर है आज मस्त।
हंगामा जंगल मे होने वाला है आज जबरदस्त।
सबको है बारातियों का इंतेजार।
वर्षा ने भी आज मचाया है हंगामा।
फिर भी कोई बाराती ना मानेगा।
झूम झूम कर,नाच नाच कर करेंगे हंगामा।
अम्मा की प्यारी,बाबा की दुलारी लोमड़ी।
सुबह सवेरे सब से जुदा हो जाएगी।
खुशियो से भरे लोमड़ के घर जाएगी।
अपनी खुशियो की ग्रहस्थी बसायेगी।
लोमड़ का वंश आगे बढ़ाएगी।
#नीरज त्यागी 
ग़ाज़ियाबाद (उ. प्र)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जिन्दगी की छलांग

Tue Aug 28 , 2018
अजीब औरत है पति नहीं है और मना रही है शादी की सालगिरह….। ओर नहीं तो क्या देखा नहीं बेटे की शादी में…. कैसी बन – संवरकर पार्लर से तैयार होकर आई थी मैडम। हद है यार….तीसरी ने तंज कसा । तभी पिंकी को सामने पाकर सब चुप हो गई। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।