“स्वतंत्रता दिवस”

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kumari priyanka
सर्वोदय जन जन का मंत्र हो,
आम जनता कभी न त्रस्त हो,
सभी अपने कार्यों में व्यस्त हो,
नव निर्माण का पथ प्रशस्त हो,
दिलों से सभी के बैर ध्वस्त हो,
दैनिक जीवन की वस्तु सस्त हो,
बार-बार ये पन्द्रह अगस्त हो।
देश में मजबूत सुरक्षा तंत्र हो,
सूर्य अपने समय से अस्त हो,
नेता सभी संसद में व्यस्त हो,
देश!प्रगति का पथ प्रशस्त हो,
पूरी दुनिया से दुश्मनी ध्वस्त हो,
विद्यालयों में पढ़ाई मस्त हो,
बार-बार ये पन्द्रह अगस्त हो।
शिक्षण का संस्थान सर्वत्र हो,
गरीबी से कोई भी न त्रस्त हो,
अपने कार्यों में सभी व्यस्त हो,
बेरोजगारी की समस्या खत्म हो,
सम्पूर्ण देश की जनता मस्त हो,
बार-बार ये पन्द्रह अगस्त हो।
दिलो में मानवता का अभ्युदय हो,
सम्पूर्ण हिंदुस्तान शांति मय हो,
सभी शिक्षित और स्वस्थ हो,
भ्रष्टाचार-व्यभिचार का अस्त हो,
भारत का गुणगान का सर्वत्र हो,
बार-बार ये पन्द्रह अगस्त हो।।(इति)
   “कुमारी प्रियंका”
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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।