#प्रो. विनोद कुमार मिश्र वर्धा | महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में `हिंदी दिवस` समारोह में विश्व हिंदी सचिवालय(मॉरिशस) के महासचिव प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि,हिंदी विश्व मन की भाषा बन चुकी है। हिंदी के विकास में सभी भारतीय भाषाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हिंदी को सोशल […]
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बहादुरगढ़ | `हिन्दी दिवस` के अवसर पर ‘आजादी के ७० वर्ष और हिन्दी की दशा’ विषय पर दिल्ली में विचार गोष्ठी कार्यक्रम किया गया। इसमें करुणेश वर्मा ‘जिज्ञासु’ ने हिन्दी भाषा की प्रासंगिकता,प्रमाणिकता और वैज्ञानिकता है अद्वितीय बताया तो स्वयंसेवी संस्था ‘स्नेह’ की दिल्ली प्रदेश संयोजिका ने अपने ओजस्वी शब्दों […]
डॉ. मनोहर भण्डारी…….. मातृभाषा किसी व्यक्ति,समाज,संस्कृति या राष्ट्र की पहचान होती है। वास्तव में भाषा एक संस्कृति है, उसके भीतर भावनाएं, विचार और सदियों की जीवन पध्दति समाहित होती है। मातृभाषा ही परम्पराओं और संस्कृति से जोड़े रखने की एकमात्र कड़ी है। राम-राम या प्रणाम आदि सम्बोधन व्यक्ति को व्यक्ति से तथा समष्टि से जोड़ने वाली सांस्कृतिक […]
हिन्दी प्रतिष्ठापन के लिए हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखा गया हैl इसका विषय-हरियाणा सरकार के मंत्रालयों,विभागों,कार्यालयों,संगठनों आदि की ‘वेबसाइटें’ हिन्दी में न होकर अंग्रेजी में होना बताया है। वैश्विक हिन्दी सम्मेलन की तरफ से डॉ.महेशचन्द्र गुप्त(मुख्य परामर्शदाता) ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का २७ जुलाई का […]
