Archives for काव्यभाषा - Page 107

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प्रेम

प्रेम अव्यक्त एहसास है न मिटने वाला जज़्बात है ये महसूसता है अपनापन उसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं वह तो अनुभव का अहसास है उस छुअन का मखमली…
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मजदूर हूँ

हाँ!मैं एक मजदूर हूँ, पर मैं मजबूर नही हूँ। मैं हमेशा ही खाता हूं, खून-पसीने की कमाई। मैं हमेशा ही करता हूँ, सभी लोगों की भलाई। मुझमे थोड़ी भी शर्म…
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परीक्षा

आती है जब भी कोई परीक्षा की घड़ी जीवन में हमारे - हो जाते हैं हम बेचैन। घिर जाते हैं अवसाद से और कभी कभी तो ले लेते हैं ऐसा…
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जन्म और मृत्यु………

जन्म और  मृत्यु तो है शाश्वत सत्य, जो  आया  उसे एक दिन जाना है । मगर  महत्वपूर्ण  है  बस  यही  कि, जीवन  को  कैसे जी कर जाना है । कोई…
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दर्द के उन मसीहों को…

दर्द के उन मसीहों को चलो हम याद करते हैं याद करतें हैं कैलाश रफ़ी को याद करते हैं। दर्द के उन मसीहों को चलो हम याद करते हैं। बने…
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