मरहम

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पुलवामा के घावों पर,
मरहम आज लगाया था।
वायुसेना के वीरों ने ,
बालाकोट उड़ाया था।

गद्दारों की बर्बादी को,
गुपचुप जाल बिछाया था।
एयर स्ट्राइक करने का,
वीरों ने प्लान बनाया था।

भारत माँ के सपूतों ने,
दुश्मन को मजा चखाया था।
बारह दिन के अंदर ही,
गद्दारों का कर्ज चुकाया था।

भारत की वायुसेना ने ,
दम अपना ख़ूब दिखाया था।
घुस कर दुश्मन के घर में,
ठिकाना उनका उड़ाया था।

हुए अपने संग छलावे का,
जांबाजों ने बदला ले डाला।
जवाब ईंट का दुश्मन को,
फिर पत्थर से दे डाला।

जान की बाजी लगाकर के,
विजय पताका फहराई।
भारत माँ के जाबांजों ने,
ग़द्दारों को धूल चटाई थी।

नमन तुम्हें है वीर सपूतों ,
नमन तुम्हारी गाथा को।
नाज बहुत है यारों तुमपे,
प्यारी भारत माता को।

स्वरचित
सपना (स. अ.)
प्रा. वि.-उजीतीपुर
वि.ख.-भाग्यनगर
जनपद-औरैया

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आजाद

Sat Feb 27 , 2021
आजाद थे, आजाद ही रहे, आंदोलन- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम संचालित करते रहे । न गोरों की पराधीनता स्वीकार की- चंद्रशेखर आजाद, लाल भारत मां के प्रिय रहे ।। मुकेश कुमार ऋषि वर्मा Post Views: 30

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।